च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम ( सीबीसीएस) के अंतर्गत पाठ्यक्रमों के नतीजों में क्यूमलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज (सीजीपीए) को प्रतिशत में बदला जा सकेगा। दिल्ली विश्वविद्यालय ने फार्मूला तैयार किया है।
फार्मूले के मुताबिक, नतीजों में प्रतिशत जानने के लिए सीजीपीए को 9.5 से गुणा करना होगा। यह फॉर्मूला मई-जून 2018 में होने वाली परीक्षाओं से लागू होगा। डीयू ने फार्मूले को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
नोटिफिकेशन के मुताबिक, इसे सीबीसीएस के अंतर्गत चलने वाले पाठ्यक्रमों में लागू किया गया है। अंतिम वर्ष के विद्यार्थी छह सेमेस्टर के फाइनल सीजीपीए को 9.5 से गुणा कर प्रतिशत जान सकेंगे। इसी तरह 2015 में दाखिला लेने वाले छात्र भी फाइनल नतीजों का प्रतिशत निकाल सकेंगे। उल्लेखनीय है कि अब तक रिजल्ट में सीजीपीए दिया जाता था। वहीं, अब नया फार्मूला आने से स्नातक स्तर के अंतिम वर्ष के छात्रों को फीसदी में नतीजे दिए जाएंगे।
दरअसल, डीयू के परीक्षा विभाग ने इस संबंध में हितधारकों से फार्मूले को लेकर सुझाव मांगे थे। इसके लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया था। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर फॉर्मूला तैैयार किया गया है।
रिजल्ट प्रतिशत में पता करने को लेकर छात्रों की ओर से प्रदर्शन भी किया गया था। साथ ही कहा जा रहा था कि यदि अंतिम वर्ष में छात्र कहीं विदेश में नौकरी के लिए जाते हैं तो उन्हें परेशानी हो सकती है। इसलिए अंतिम वर्ष के छात्रों को रिजल्ट प्रतिशत में दिया जाना चाहिए।