दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2017-18 में दाखिले के लिए जारी की गई पहली कट ऑफ एक बार फिर से लगभग सौ फीसदी के करीब पहुंच गई है। नॉर्थ कैंपस के गुरु तेग बहादुर खासला कॉलेज ने बीएससी ऑनर्स इलेक्ट्रिॉानिकस की कट ऑफ 99.66 फीसदी जारी की है।
बीते साल इस कोर्स की कट ऑफ यहां 99 फीसदी तक गई थी। इस कॉलेज की राजनीति शास्त्र की कट ऑफ सबसे अधिक 99 फीसदी है। सभी कॉलेजों की औसतन कट ऑफ पर नजर डालें तो बीकॉम, ईको ऑनर्स व बीकॉम ऑनर्स की कट ऑफ में 0.25 फीसदी से लेकर 1.75 फीसदी तक की गिरावट हुई है।
डीयू अधिकारियों का मानना है कि हरियाणा, पंजाब के 12वीं केरिजल्ट व मॉडरेशन पॉलिसी का असर यह रहा है कि कट ऑफ का एक दो कॉलेज को छोड़कर ज्यादा ऊंचा नहीं गया है।
अधिकारियों का कहना है कि बीते तीन चार सालों बाद ऐसा हुआ है कि ऐसी वास्तविक कट ऑफ आई है। गुरु तेग बहादुर कॉलेज ने ईको ऑनर्र्स की कट ऑफ में नामी एसआरसीसी कॉलेज को भी पछाड़ दिया है। खालसा ने जहां ईको ऑनर्स में बीते साल के मुकाबले में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की है। जबकि एसआरसीसी की ईको की कट ऑफ 97.75 फीसदी है।
खालसा कॉलेज की बीकॉम की कटऑफ एसआरसीसी से अधिक
दिल्ली विश्वविद्यालय के गुरु तेगबहादुर खालसा कॉलेज ने बीकॉम और बीकॉम ऑनर्स की कट ऑफ भी सबसे अधिक रखी है। कॉलेज ने बीकॉम के लिए 98.25 फीसदी और बीकॉम ऑनर्स के लिए 98 फीसदी कट ऑफ जारी की है।
जबकि एसआरसीसी की बीकॉम ऑनर्स की कट ऑफ 97.75 फीसदी है। खास बात यह भी है कि शिवाजी कॉलेज ने एसआरसीसी को ईको व बीकॉम की कट ऑफ में पछाड़ दिया है। इस कॉलेज ने दोनों कोर्सेज की कट ऑफ 98 फीसदी निकाली है।
डीयू की कट ऑफ लिस्ट पर नजर डालें तो कैंपस कॉलेजों में आईपी ने ईको की कट ऑफ 97.5, हिंदू ने 97.5, हंसराज ने 97.25, किरोड़ीमल ने 97.5, मिरांडा ने 97.25 और रामजस ने 97.5 फीसदी कट ऑफ जारी की है।
वहीं रामजस कॉलेज में केमिस्ट्री ऑनर्स में बीते साल के मुकाबले मेें दो फीसदी की गिरावट हुई है। लेडी श्रीराम कॉलेज में साइकोलॉजी की कट ऑफ सबसे अधिक 98.5 फीसदी गई है। खालसा में कंप्यूटर साइंस की बात की जाए तो सबसे अधिक इसी कॉलेज में कट ऑफ 98 फीसदी रही है।
उल्लेखनीय है कि 2015 में कंप्यूटर साइंस ऑनर्स की कट ऑफ 100 फीसदी तक चली गई थी। कट ऑफ की खास बात यह भी है कि एससी-एसटी, ओबीसी केसाथ-साथ कश्मीरी विस्थापितों के लिए अलग से कट ऑफ जारी की गई है।