एससी-एसटी के कल्याणार्थ संसदीय समिति के दिशा-निर्देशों पर दिल्ली विश्वविद्यालय ने एक मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी आरक्षण नीति को लागू करने में सहायता करेगी।
इसका अध्यक्ष गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति रहे व जेएनयू में स्कूल ऑफ लाइफ साइंस में प्रो. पद से सेवानिवृत्त प्रो. आर काले को बनाया गया है।
कमेटी शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों में भर्ती के लिए यूनिवर्सिटी व कॉलेजों के तैयार आरक्षण रोस्टर की जांच करेगी। बता दें कि बीते दिनों एससी-एसटी के कल्याणार्थ संसदीय समिति ने डीयू में दौरा किया था।
कमेटी गठन के बाद यह समय-समय पर विश्वविद्यालय के विभागों व संबद्ध कॉलेजों में रोस्टर देखेगी। 11 सदस्यीय कमेटी में एक अध्यक्ष, नौ सदस्य व एक कंवीनर है।
डीयू एससी-एसटी ओबीसी टीचर्स फोरम के अध्यक्ष प्रो. हंसराज ने बताया कि कमेटी डीओपीटी के निर्देशों व विश्वविद्यालय के संरचनात्मक ढांचे को व्यवस्थित करेगी।
कार्यशाला कराने की मांग
कमेटी से सिफारिश की गई है कि रोस्टर लागू होने से पहले विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यों व लायजन अफसरों की कार्यशाला आयोजित करे, ताकि रोस्टर संबंधी जानकारी सही और प्रमाणिक रूप से मिल सके। फोरम ने विभागों व कॉलेजों में मॉडल रोस्टर तैयार करने की मांग की है।