दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले के इच्छुक छात्र-छात्राएं सावधान हो जाएं। यदि वह स्वयं सत्यापित झूठे दस्तावेज जमा कराएंगे तो न केवल वह डीयू में पांच साल तक डिबार (वंचित) कर दिया जाएगा बल्कि अपराधिक मामला भी दर्ज होगा। छात्रों को प्रशासन की सलाह है कि वह सही तरीके से स्वयं सत्यापित ही दस्तावेज जमा कराएं।
दिल्ली विश्वविद्यालय की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के तहत छात्रों से स्वयं सत्यापित दस्तावेज अपलोड कराए गए। अब कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। दाखिले के समय भी छात्रों को अपने दस्तावेज जमा कराने हैं।
दाखिले के समय भी छात्रों को स्वयं सत्यापित दस्तावेज ही स्वीकार किए जाएंगे। यदि किसी छात्र ने झूठा सत्यापन किया है और वह सत्यापन बाद में फर्जी पाया जाता है तो छात्र डीयू के किसी भी कोर्स या प्रोग्राम के लिए पांच साल तक अयोग्य घोषित हो जाएंगे। साथ ही उनका दाखिला भी रद्द हो जाएगा।