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मूल्यांकन में गड़बड़ी मिली तो डीएचई पर 50 हजार का जुर्माना

Sat, 29 Apr 2017 12:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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मूल्यांकन में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर उप प्रधान परीक्षक (डीएचई) को 50 हजार का जुर्माना भरना पड़ेगा। रैंडम चेकिंग में परीक्षकों द्वारा जांची गई कॉपियों में यदि किसी भी तरह की लापरवाही मिलती है तो इसकी जिम्मेदारी डीएचई की होगी।
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डीआईओएस राज सिंह यादव ने बताया कि यूपी बोर्ड उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन की शर्तों और नियमों को सख्त कर दिया गया है। अब तक कॉपियों की रैंडम चेकिंग होती थी लेकिन इतना बड़ा जुर्माना नहीं लगता था। इस बार बोर्ड के सख्त आदेश हैं कि सेंटर पर ही रैंडम चेकिंग हो और गलती निकलने पर डीएचई पर 50 हजार का जुर्माना लगाया जाए। 

डीआईओएस ने बताया कि अब तक यह माना जाता रहा है कि कॉपियां जांचने में अक्सर परीक्षक और डीएचई लापरवाही करते हैं। पैसे बनाने के चक्कर में डीएचई स्वयं भी कॉपी जांचने लग जाता है, जबकि उसका मुख्य काम जांची गई कापियों की समीक्षा करना है। 
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कॉपी जांचने के चक्कर में डीएचई परीक्षकों द्वारा जांची गई कॉपियों की समीक्षा पर ध्यान नहीं देते। इस चक्कर में कई बार बच्चों के क्लेम पर कोर्ट में यूपी बोर्ड परीक्षकों की किरकिरी हुई है। इस किरकिरी से बचने के लिए केंद्र पर ही सख्त नियम लागू किए गए हैं।

सेठ मुकुंद लाल इंटर कालेज केंद्र व्यवस्थापक केवी सिंह ने बताया कि परीक्षकों द्वारा जांची गई कॉपियों की रैंडम चेकिंग डीएचई करेगा। इसके बाद भी एक रैंडम चेकिंग होगी जो प्रत्येक विषय के डीएचई एक दूसरे की कॉपी क्रास चेक करेंगे। इस चरण में यदि किसी कॉपी में कोई खामी निकलती है तो मौके पर ही जुर्माना लगाकर बोर्ड को वह कॉपी भेज दी जाएगी। 

इसके साथ ही परीक्षा परिणाम के बाद भी यदि कोई विद्यार्थी अपनी किसी कॉपी में कम नंबर होने का क्लेम करता है रीचेकिंग में विद्यार्थी का क्लेम सही पाया जाता है तो भी डीएचई पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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