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यूजीसी नोटिफिकेशन 2016 में संशोधन या रोल बैक की मांग

Sat, 25 Feb 2017 01:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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यूजीसी
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जेएनयू में यूजीसी नोटिफिकेशन 2016 के चलते एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में सीट कटौती के मामले में सांसद गौरव गंगोई व राज्यसभा सांसद व कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय के विजिटर और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने यूजीसी नोटिफिकेशन में संशोधन या रोल बैक करने की मांग रखी है।
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राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के समक्ष राजनेताओं, शिक्षकों व छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जेएनयू दुनिया भर में रिसर्च के लिए जाना जाता है। हालांकि इस नोटिफिकेशन के लागू होने से आने वाले तीन से चार  साल तक एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में कोई दाखिला नहीं हो पाएगा, जिसके चलते रिसर्च कार्य भी प्रभावित होंगे।

छात्र इस मामले में पिछले 18 दिनों से विरोध कर रहे हैं, लेकिन कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार सुनने के लिए तैयार नहीं हैं और न ही वे छात्रों से मिल रहे हैं। कुलपति ने एग्जीक्यूटिव व अकेडमिक काउंसिल में भी अपनी मर्जी से इस प्रस्ताव को पास कर लिया है।
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वहीं, जेएनयू टीचर्स यूनियन भी इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ है, लेकिन प्रशासन कुछ सुनने को तैयार नहीं है। प्रतिनिधिमंडल ने अपने मांग पत्र में वर्ष 2006-07 से लेकर वर्ष 2010-11 और वर्ष 2017-18 में अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, एमफिल और पीएचडी व डायरेक्ट पीएचडी का इंटेक भी बनाकर दिया है।

इसके अलावा प्रो. अब्दुल नफे कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों के बारे में भी जानकारी दी गई है। आगामी संसद सत्र में कांग्रेस पार्टी यूजीसी नोटिफिकेशन 2016 के चलते छात्रों को हो रही परेशानी व सीट कटौती पर मोदी सरकार को घेरेगी।

प्रतिनिधिमंडल में एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष अमृता धवन, जेएनयू से निलंबित छात्र दिलीप यादव, मृत्युंजय सिंह, जेएनयू एनएसयूआई के पदाधिकारी सनी धीमान समेत कई अन्य लोग भी शामिल हुए।

बता दें कि इससे पहले पिछले हफ्ते जेएनयू शिक्षक यूनियन ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर एसोसिएशन की अध्यक्षता में यूजीसी नोटिफिकेशन को रद्द करने के लिए वामपंथी नेता डी राजा व कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह को अपना मांगपत्र सौंपा था, जो लोकसभा स्पीकर को भेजा गया है।
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