दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षकों के खाली पदों को एक साल के भीतर भर दिया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि डीयू देश का पहला विश्वविद्यालय है, जहां एडहॉक शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक है। डीयू में खाली शिक्षकों के पदों को नियमों के तहत भरने की सारी प्रक्रिया पर स्वयं नजर रखे हूं, ताकि छात्रों की पढ़ाई में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कार्यक्रम में जावडे़कर ने कहा कि एडहॉक शिक्षकों को भी नियमित होने का मौका मिलेगा। जो शिक्षक बेहतर काम करेंगे, वे अवश्य नियमित होंगे। बता दें कि डीयू में साढ़े चार हजार एडहॉक शिक्षक कार्यरत हैं।