दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एक बार फिर से जाट-गुर्जर फैक्टर अहम दिख रहा है। प्रतिद्वंद्वी संगठन एनएसयूआई व एबीवीपी की ओर से टिकट की दावेदारी करने वालों में ज्यादातर संख्या जाट-गुर्जर की है।
दोनों संगठनों के टिकट की दौड़ में आगे चल रहे नामों में यह जातिगत समीकरण साफ दिखाई दे रहा है। वहीं, एनएसयूआई इस बार दलित वोट हासिल करने के लिए दलित लड़की पर अपना दांव खेलेगी। एबीवीपी से एक गुर्जर लड़की टिकट पाने की रेस में सबसे आगे है।
केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के कारण डीयू में देश के सभी राज्यों से छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आते हैं। इसमें हर जाति व तबके के छात्र होते हैं। लेकिन बात जब टिकट की आती है, तो जाट-गुर्जर के समीकरण देखने को मिलता है।
एनएसयूआई में इन पर चर्चा
एनएसयूआई से टिकट पाने वालों की दौड़ में अर्जुन चपराना (गुर्जर), मोहित गिरड़ (जाट), निखिल यादव (यादव), सन्नी चिल्लर (जाट) व विनीता ढाका (दलित) के नाम आगे चल रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि निखिल यादव, अर्जुन चपराना व विनीता ढाका को टिकट मिलना तय है। जबकि एक टिकट मोहित गिरड़ व सन्नी चिल्लर में से किसी एक को मिलेगा। असली लड़ाई इन्हीं नामों पर है। इन पांच में से चार को टिकट मिलने पर दो जाट व एक गुर्जर व एक दलित को टिकट मिल सकता है।
एबीवीपी : ये हैं मुख्य दावेदार
एबीवीपी की सूची में प्रियंका (गुर्जर), अंकित सांगवान (जाट), अमित तंवर (गुर्जर), विशाल यादव (यादव), महामेधा (गुर्जर), प्रज्ञा मलिक (जाट), प्रशांत मिश्रा व पंकज शर्मा (ब्राह्मण) के नाम आगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, टिकट पाने वालों की दौड़ में प्रियंका, अंकित सांगवान, अमित तंवर व विशाल यादव के नाम सबसे आगे हैं। प्रियंका का टिकट इसलिए भी पक्का माना जा रहा है, क्योंकि वह दिल्ली बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष की बेटी हैं।
यदि इन चारों को टिकट मिलता है, तो दो गुर्जर, एक जाट व एक यादव का समीकरण देखने को मिलेगा। बताया जा रहा है कि पहले किसी संगठन ने किसी गुर्जर लड़की को टिकट नहीं दिया है।