दिल्ली विश्वविद्यालय में पहली कट ऑफ जारी होने के बाद दाखिला प्रक्रिया के पहले दिन व दूसरे दिन तकनीकी खामियों के चलते हुई परेशानी को देखते हुए अब सोमवार, 4 जुलाई तक दाखिले जारी रखने की मांग उठने लगी है।
अभी भी फीस भुगतान को लेकर हो रही परेशानी के कारण दाखिला मंजूर हो जाने के बाद भी शनिवार तक कई छात्र दाखिला पूरा नहीं करा पाए। ऐसे में छात्रों के साथ-साथ छात्र संगठन भी चाहते हैं कि सोमवार को भी दाखिले का अवसर छात्रों को दिया जाए।
हालांकि इस मामले पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है लेकिन ऐसी संभावना है कि छात्रों को राहत मिल सकती है। संभवत: इस विषय में कुलपति कार्यालय की ओर से राहत मिले। उल्लेखनीय है कि दिल्ली विश्वविद्यालय की 30 जून को जारी हुई पहली कट ऑफ लिस्ट के आधार पर शनिवार दो जुलाई तक दाखिले का अंतिम दिन रहा। बृहस्पतिवार को पोर्टल के माध्यम से दाखिले ठीक से नहीं हो पाने के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे तक भी पोर्टल की रफ्तार धीमी रही।
शनिवार को दाखिले का अंतिम दिन होने के कारण दाखिले हुए लेकिन ऐसे कई आवेदक रहे जो पहले व दूसरे दिन भी दाखिला नहीं करा पाए। ऐसे बहुत से छात्र कॉलेज-कॉलेज व डीन स्टूडेंट वेलफेयर कार्यालय के चक्कर भी लगा रहे हैं।
एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा के मुताबिक तकनीकी खामी का भुगतान छात्र करें यह सही नहीं है लिहाजा एबीवीपी की मांग है कि चार जुलाई को खाली दिन होने के कारण उस दिन भी पहली कट ऑफ के दाखिले लिए जाएं।
वहीं इस मामले को लेकर एसएफआई (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने डीन स्टूडेंट वेलफेयर से मुलाकात कर राहत की मांग की। एसएफआई का कहना है कि पहले दिन से ही छात्र परेशान हैं।
ऐसे में दाखिला पोर्टल में बदलाव किया जाए व छात्रों को दाखिले के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। दरअसल, एससी-एसटी व ओबीसी छात्र सामान्य श्रेणी की कट ऑफ जगह बनाने के बाद दाखिले से वंचित हुए हैं।