दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉन कॉलेजिएट वूमेन एजुकेशन बोर्ड(एनसीवेब) ने छात्राओं के कौशलों का विकास करने के लिए रचनात्मक लेखन के गुर सिखाए। इसके लिए एनसीवेब की ओर से हिंदी-अंग्रेजी माध्यम से ऑनलाइन रचनात्मक लेखन की कार्यशाला आयोजित की गई थी। जिसका समापन शनिवार देर शाम हुआ। इस कार्यशाला में हिंदी व अंग्रेजी दोनों माध्यमों के लिए तीन-तीन छात्राओं को पुरस्कार दिए गए व दो-दो छात्राओं को प्रोत्सहान पुरस्कार दिए गए।
यह कार्यक्रम ऑनलाइन जूम प्लेटफॉर्म पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो केजी सुरेश बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। प्रसिद्ध लेखिका व सामाजिक कार्यकर्ता विशिष्ट अतिथि नयना सहस्त्रबुद्धे, डीन स्टूडेंट वेलफेयर व एनसीवेब चेयरमैन प्रो राजीव गुप्ता, एनसीवेब की निदेशक डॉ गीता भट्ट उपस्थित रही।
इस मौके पर प्रो केजी सुरेश ने कहा कि व्यक्ति को सदैव अध्ययनशील रहना चाहिए। साथ ही प्रो सुरेश ने कहा कि देश की संस्कृति, सभ्यता व मानव साइकोलॉजी को समझने के लिए अधिक से अधिक लोगों से वार्तालाप व यात्रा करना आवश्यक है। एनसीवेब उपनिदेशक डॉ उमाशंकर ने कहा कि रचनात्मकता का कभी समापन नहीं होता, यह कार्यशाला प्रेरणा स्रोत बनकर हम सभी को प्रोत्साहित करेगी।