देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पीएचडी शोधार्थियों में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय नंबर वन पर है, क्योंकि वहां सर्वाधिक पीएचडी करने वाले शोधार्थी हैं। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय देश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय होते हुए भी पीएचडी कराने वालों में दूसरा स्थान पर है, वहीं एमफिल कराने वालों में पहला नंबर है।
जबकि गुजरात, कश्मीर, उड़ीसा, हरियाणा और बिहार के विश्वविद्यालयों में पीएचडी करने वाले शोधार्थियों की संख्या दो फीसदी भी नहीं है। यह खुलासा डीयू के फोरम ऑफ एकेडमिक्स फॉर सोशल जस्टिस द्वारा जारी एक रिपोर्ट में हुआ है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर के 40 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 25,021 शोधार्थी पीएचडी कर रहे हैं, जबकि 11,770 शोधार्थी एमफिल कर रहे हैं। फोरम के चेयरमैन व विद्वत परिषद के सदस्य प्रो. हंसराज सुमन ने बताया कि यह रिपोर्ट देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ी करने वाली है।
उन्होंने कहा कि देश में पीएचडी और एमफिल करने वालों में पंजाब विश्वविद्यालय 25वें नंबर पर है। रिपोर्ट के अनुसार पीएचडी के सबसे ज्यादा शोधार्थी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और डीयू विश्वविद्यालय में शोधरत हैं।
पीएचडी वाले शोधार्थियों की संख्या में हेमवती नंदन बहुगुणा विवि में 244 ,मौलाना आजाद उर्दू विवि 244, गुरुघासीदास विवि 243, व पंजाब यूनिवर्सिटी में महज 96 ही शोधार्थी है। जबकि नागालैंड, उड़ीसा, गुजरात, कश्मीर, हिमाचल, हरियाणा, बिहार विश्वविद्यालय में 2 से 10 फीसदी शोधार्थी ही पीएचडी कर रहे हैं।
प्रो. सुमन ने कहा कि बीते एक दशक से विश्वविद्यालयों मेें शिक्षकों की नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू ना होने के कारण सेंट्रल विश्वविद्यालयों में पीएचडी व एमफिल में दाखिला लेने वाले छात्रों में कमी आई है।
पीएचडी शोधार्थी
विश्वविद्यालय शोधार्थी
बीएचयू 3553
डीयू 3293
एएमयू 2301
इलाहाबाद विवि 2128
जामिया मिलिया 1894
हैदाराबाद विवि 1473
एमफिल शोधार्थी
डीयू 1106
जामिया मिल्लिया 624
एएमयू 585
हैदराबाद विवि 485
गुजरात विवि 469
अम्बेडकर विवि 349