दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2017-18 में स्नातक कोर्सेज में दाखिले के लिए दौड़ जारी है। जहां कॉलेजों में दाखिले हो रहे हैं वहीं दाखिले रद्द भी कराए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि एक कॉलेज से दाखिला रद कराने पर फीस चुकानी पड़ती है। विद्यार्थियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उन्हें दाखिला रद्द कराने की फीस दाखिला पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन नहीं देनी है। दाखिला रद्द कराने की फीस का भुगतान सीधे कॉलेज को ही करना है।
कॉलेज प्रिंसिपल ने बताया कि दाखिला रद्द कराने की फीस को लेकर विद्यार्थियों में असमंजस है। जबकि प्रशासन की ओर से दूसरी कट ऑफ के दौरान ही साफ कर दिया गया था कि दाखिला रद्द कराने पर विद्यार्थियों को फीस दाखिला पोर्टल पर नहीं देनी है। यह फीस कॉलेज को ही देनी है।
यह कॉलेज प्रशासन पर निर्भर करेगा कि वह दाखिला रद्द कराने पर फीस ऑनलाइन लेगा या ऑफलाइन। यह कॉलेज की व्यवस्था पर ही निर्भर करेगा। डीयू की रिफंड पॉलिसी के मुताबिक यदि छात्र 31 जुलाई से पहले या दाखिले के अंतिम दिन के बाद अपना दाखिला रद्द करवाता है तो उसकी फीस में से 500 रुपये काट कर बाकी फीस लौटाई जाएगी। मालूम हो कि बीते साल प्रशासन ने दाखिला रद्द कराने पर दाखिला पोर्टल पर ही फीस ली थी।