राजधानी में निजी स्कूलों ने नर्सरी दाखिले के लिए पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची ने किसी के चेहरे पर खुशी बिखेरी, तो किसी के चेहरे पर गम। दाखिले के इस रण में बच्चों को पड़ोस, पूर्व छात्र व भाई-बहन मानकों ने पहली सूची में सीट दिलाई। सूची जारी करने में स्कूलों ने अपने-अपने तरीके अपनाए। कुछ स्कूलों ने अंकों के साथ सूची जारी की, तो कुछ ने केवल चयनित बच्चों के नाम जारी किए।
राजधानी में अधिकतर स्कूलों की जारी पहली सूची में पड़ोस (नेबरहुड) मानक ने अहम भूमिका निभाई। विभिन्न स्कूलों की सूची में देखने में आया कि पचास से अधिक अंक वाले ही सूची में जगह बना पाए हैं। आवेदन प्रक्रिया के दौरान देखने में आया कि अभिभावकों ने औसतन 20-30 स्कूलों में आवेदन किया था। ऐसे में स्कूलों में सीटों की संख्या के तिगुने आवेदन हुए।
एडमिशन नर्सरी डॉटकॉम के प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि स्कूलों की लिस्ट में देखने में आया है कि जिनके पचास से ऊपर अंक हैं वो ही दाखिला पाने में सफल हुए हैं। यह अंक उनके पड़ोस, पूर्व छात्र, भाई-बहन मानक के कारण ही बने हैं।
20 से अधिक स्कूलों में आवेदन पर भी नाम नहीं
एक अभिभावक ने बताया कि उन्होंने 20 से अधिक स्कूलों में आवेदन किया था लेकिन पहली सूची में कहीं नाम नहीं आया। अब उन्हें असमंजस है कि उनके बच्चे का दाखिला कैसे होगा। दूसरी सूची में भी गारंटी नहीं कि नाम आएगा या नहीं। एक अन्य अभिभावक ने बताया कि अब बस वह आस लेकर चल रहे हैं कि कहीं किसी तरह से बच्चे का नाम आ जाए। एक अन्य अभिभावक ने कहा कि जब लॉटरी हुई तो बच्चे का नाम बताया गया, लेकिन अब लिस्ट जारी होने पर नाम नहीं है। एक अभिभावक ने कहा कि वेबसाइट पर सूची जारी नहीं की गई और फोन करके बुलाया जा रहा है।
प्रतीक्षा सूची का इंतजार करें अभिभावक
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के संस्थापक सुमित वोहरा ने बताया कि पहले सूची देख अभिभावक हतोत्साहित हैं। उन्होंने सलाह दी कि अभिभावकों को निराश नहीं होना चाहिए। अभी कई ऐसे अभिभावक हैं, जिनके बच्चे का नाम तीन से चार स्कूलों में आ गया है, ऐसे में वह अपनी बाकी की सीट छोड़ेंगे। ऐसे में 15 फरवरी तक ही सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अभिभावकों को प्रतीक्षा सूची के साथ अन्य सूची का इंतजार करना चाहिए।