हाईकोर्ट ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर डीयू में दाखिला लेने के आरोपी अंकिव वसोया के खिलाफ एनएसयूआई के उम्मीदवार सनी छिल्लर की याचिका पर फैसला चार दिसंबर तक के लिए टाल दिया है। इससे पहले इस मामले में सोमवार को फैसला आना था।
सनी छिल्लर ने याचिका में दावा किया था कि एबीवीपी उम्मीदवार अंकिव ने फर्जी प्रमाण पत्रों से डीयू में दाखिला लिया। इसलिए उनका डीयू छात्रसंघ (डूसू) अध्यक्ष पद पर चुनाव रद्द कर फिर से चुनाव कराया जाए।
जस्टिस योगेश खन्ना ने याचिका पर फैसला सुनाने के लिए अगली तारीख तय करते हुए अंकिव वसोया को कुछ दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है। छिल्लर ने अंकिव वसोया पर कार्रवाई की भी मांग की है।
कोर्ट के समक्ष एएसजी पिंकी आनंद ने कहा था कि लिंगदोह कमेटी के मुताबिक अगर चुनाव के दो माह के भीतर छात्रसंघ अध्यक्ष का पद खाली होता है तो उपाध्यक्ष को अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
छिल्लर की ओर से जिरह में वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने कहा था कि डीयू ने लिंगदोह कमेटी की सिफारिश का लाभ लेने के लिए इस मुद्दे को 12 नवंबर तक खींचा, क्योंकि छात्रसंघ चुनाव 12 सितंबर को हुआ था। उसकी मंशा थी कि अध्यक्ष पद का चुनाव दोबारा न कराया जाए।