राजधानी में हर वर्ष नर्सरी दाखिलों से ठीक पहले नई अधिसूचना जारी करने पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा आप के निर्णय से अभिभावकों में भ्रम व अराजकता की स्थिति बन जाती है। आखिर आप पूरा वर्ष क्या करते हो।
न्यायमूर्ति मनमोहन के समक्ष संक्षिप्त सुनवाई के दौरान उन्होंने सरकार से पूछा कि वे हर वर्ष जनवरी माह में ही नई अधिसूचना क्यों जारी करते है जबकि दाखिले भी जनवरी में शुरू होते है। इसे आम लोग चिड़चिड़े हो जाते है कि उन्हें नहीं पता कि आखिर वे जाए कहां।
अदालत ने कहा सरकार के इस व्यवहार से माता-पिता को अपने बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया की योजना के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता। उनमें भ्रम बन जाता है। अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा इस सरकार के साथ डील करना काफी मुश्किल हो गया है।
अदालत ने कहा पिछले चार वर्षों में आप (सरकार) ने लगातार दाखिलों को लेकर जनवरी माह में नई अधिसूचना जारी की है। अदालत ने कहा कि नर्सरी दाखिलों के लिए देरी से अधिसूचना जारी करने से अभिभावक दाखिला प्रक्रिया में भाग लेने में भ्रमित हो जाते है। यदि उन्हें चुनौती देनी होती है तो वे क्या करे, यदि अदालत उसे रद कर दे तो भी स्थिति असंमजस की बन जाती है।
अदालत ने सरकार से कहा कि आप पूरा वर्ष क्या कर रहे थे। आप क्यों नहीं कम से कम छह माह या सालभर पहले अधिसूचना जारी करते। यदि ऐसा हो तो अभिभावक अग्रिम में प्लान बना ले। आप उन्हें इस प्रकार आश्चर्यचकित मत करों।