रोहिणी स्थित लैंसर्स कॉंवेंट स्कूल की छठी कक्षा में पढने वाली बच्ची ने उसे परीक्षा में बैठने से रोकने पर हाईकोर्ट की शरण ली है। बच्ची ने आरोप लगाया कि उसके पिता ने स्कूल से फीस को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी थी और स्कूल प्रशासन ने उसे परीक्षा नहीं देने दी।
ऐसे में उसे पांच लाख रुपये मुआवजा दिलवाया जाए। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा निदेशालय और स्कूल प्रशासन ने जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति वी.कामेश्वर राव ने सरकार और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न बच्ची को मुआवजा प्रदान किया जाए।
इसके अलावा अदालत ने स्कूल प्रशासन को बच्ची को सातवीं कक्षा में प्रमोट करने का भी निर्देश दिया है। इतना ही नहीं अदालत ने स्कूल प्रशासन को याची छात्रा स्नेहा को सातवीं कक्षा के सभी विषयों की पढ़ाई करने के साथ-साथ स्कूल के सभी अतिरिक्त गतिविधियों में शामिल होने देने का निर्देश दिया है।