काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन(सीआईएससीई) 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं में कुछ बदलाव करने जा रहा है। इनमें से कुछ बदलाव वर्ष 2019 व वर्ष 2021 से लागू होंगे। वर्ष 2021 से विदेशी (थाइलैंड निवासी) छात्रों को नए विषय भी पढ़ाए जाएंगे।
जबकि वर्ष 2019 से 10वीं के छात्रों को साइंस, अंग्रेजी विषय के अंतर्गत आने वाले पेपर के लिए मार्कशीट में अलग-अलग अंक मिलेंगे। परीक्षा संचालन में शामिल कर्मियों के लिए परीक्षा सेंटरों पर ऑनलाइन ही दाखिला कार्ड व टाइमटेबल उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, वर्ष 2019 से विभिन्न विषयों में शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग अनिवार्य होगी।
सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी एवं सचिव गैरी अराथून की ओर से जारी सूचना के मुताबिक वर्ष 2019 से अंग्रेजी, इतिहास, साइंस व भूगोल के विषयवार व पेपरवार अंक दिए जाएंगे। इसी के साथ शैक्षणिक सत्र 2021 से 12वीं में आतिथ्य प्रबंधन व लीगल स्टडी विषय पढ़ाया जाएगा।
थाइलैंड के छात्र बड़ी संख्या में आईसीएसई(10वीं) व आईएससी(12वीं) में पढ़ाई करते हैं। अब 10वीं के छात्रों के लिए इतिहास, नागरिक शास्त्र व भूगोल की पढ़ाई शुरू होगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में 10वीं व 12वीं में बैठने वाले छात्रों के लिए कंपार्टमेंट की परीक्षा भी शुरू की जा रही है।
10वीं (आईसीएसई) मेें हर विषय के नंबर जान सकेंगे
सीआईएससीई बोर्ड के 10वीं (आईसीएसई) के विद्यार्थी अब प्रत्येक विषय के अंक अलग-अलग जान सकेंगे। विद्यार्थियों की मार्कशीट में अंग्रेजी, इतिहास व साइंस के हर विषय के नंबर अलग-अलग लिखे होंगे। अब तक उन्हें इन विषयों में औसत अंक ही पता चलते हैं। मसलन साइंस विषय के अंतर्गत छात्र केमिस्ट्री, बॉयोलॉजी व फिजिक्स की परीक्षा देते हैं। प्रत्येक विषय के लिए 100-100 अंक होते हैं। लेकिन मार्कशीट में इन पेपर के लिए अलग-अलग अंक नहीं लिखे होते। साइंस विषय के अंतर्गत तीनों पेपर के औसत अंक लिखे होते हैैं। अब मार्कशीट में बॉयो, फिजिक्स व केमिस्ट्री के अलग-अलग अंक लिखे होंगे। इसी तरह से इतिहास, नागरिक शास्त्र व भूगोल के लिए भी अलग-अलग अंक मार्कशीट में होंगे। वहीं, अंग्रेजी विषय के अंर्तगत लैंग्वेज व लिटरेचर के नंबर भी अलग-अलग मिलेंगे।