सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे नौनिहालों को अब पौष्टिक आहार दिया जाएगा। सप्ताह में तीन दिन दूध से बने व्यंजन दिए जएंगे। इसके अलावा मौसमी सब्जियां, चपती और हलवे का स्वाद भी बच्चे चख सकेंगे।
मिड डे मिल की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में अब शिक्षा विभाग ने इसके मैन्यू में बदलाव की तैयारी की है।
बकायदा, मिड डे मिल तैयार करने वाली संस्था को भी इसके लिए पत्र लिखा गया है। वही, अमर उजाला में मिड डे मिल की खबर प्रकाशित होने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों में जाकर व्यवस्था जांची।
मिड डे मिल के नाम पर हो रहे मजाक का मामला अमर उजाला ने 04 अक्तूबर के अंक में प्रकाशित किया था। प्राथमिक के लिए 12 एवं अपर प्राथमिक के 13 अलग अलग व्यंजनों की सूची को तैयार कर लिया है।
प्राथमिक पाठशाला के बच्चों के लिए मीठी खीर, सब्जियों का पुलाव, पौष्टिक खिचड़ी, राजमा चावल, कड़ी पकौडा चावल, मीठे चावल, मिस्सी रोटी मौसमी सब्जी, आटे का हलवा, रोटी-दाल, मीठा दलिया, गेहूं सोयाबीन, पौष्टिक दलिया को सूची में शामिल किया है।
वहीं, अपर प्राथमिक के लिए के लिए 13 व्यंजनों में राजमा चावल को छोड़कर मीठा पुड़ा को शामिल किया गया है। छह दिन बच्चों को क्या दिया जाए, यह इस्कॉन फूड द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
अब तक बच्चों को सप्ताह में चार दिन चावल से बने व्यंजन ही परोसे रहे हैं। मिड डे मील प्रभारी ने बताया कि अभी प्रक्रिया चल रही है।