कॉलेज की तरह अब सीबीएसई स्कूलों का मूल्यांकन होगा। निजी स्कूलों की मनमानी पर अकुंश लगाने के लिए बोर्ड की तरफ से कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है। मूल्यांकन के तहत स्कूल को ग्रेड दिया जाएगा। ग्रेड के आधार पर स्कूल की फीस समेत स्तर तय किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि यह पूरी तरह से तनेशनल अससेमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल की तर्ज पर होगा। यह इसलिए किया जा रहा है कि ताकि स्कूलों की गुणवत्ता में बढ़ोतरी के साथ विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं में इजाफा हो सके। फिलहाल बोर्ड की तरफ से इस पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में हाल ही में सेक्टर-14 स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में पंचकूला के क्षेत्रीय अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें स्कूलों के पि्रंसिपल ने भाग लिया।
क्षेत्रीय अधिकारी ने इस दौरान मूल्यांकन योजना के बारे में बताया। इस दौरान पि्रंसिपल की तरफ से इस विषय की जानकारी ली जा रही है। दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2018 से सीबीएसई स्कूलों में यह प्रक्रिया लागू हो सकती है। अब तक कॉलेज का मूल्यांकन तीन से पांच वर्ष की अवधि में किया जाता है। जिसमें कॉलेज को उनकी गुणवत्ता के आधार पर ए, बी और सी ग्रेड दिया जाता है। इस तरह अब सीबीएसई स्कूलों को ग्रेड दिया जाएगा।