केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जानकारी नहीं भेजने के कारण लगभग दो हजार स्कूलों को नोटिस भेजना शुरू किया है। दरअसल, बोर्ड ने बीते अक्तूबर में पारदर्शिता लाने के लिए स्कूल संबंधित अनिवार्य जानकारी मांगी थी।
इसमें ऑडिट बैलेंस शीट का ब्यौरा, फीस, शिक्षक, ट्रस्ट व अन्य जानकारी देने को कहा गया था। बोर्ड ने इसके लिए बार-बार तिथि में भी बढ़ोतरी की थी। बावजूद लगभग दो हजार ऐसे स्कूल हैं जिनसे बोर्ड को जानकारी नहीं मिली है।
सीबीएसई ने इसकेलिए ऑनलाइन एफिलियेटिड स्कूल इंर्फोमेशन सिस्टम(ओएसिस) तैयार किया है। जिसके तहत ही यह जानकारी मांगी गई थी। जानकारी नहीं देने पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया था।
सीबीएसई का मानना है कि स्कूल बोर्ड केमहत्वपूर्ण हितधारक व अभिन्न अंग है। लिहाजा देश में शिक्षा की गुणवत्ता केलिए स्कूल भी जिम्मेदार हैं। ऐसे में स्कूलों को ऑडिट बैलेंस शीट का ब्यौरा, फीस की जानकारी, शैक्षणिक सत्र के संबंध में बताना जरूरी है।
इतना ही नहीं स्कूलों को इस सिस्टम के तहत यह भी बताना पड़ेगा कि वह शिक्षकों को कितनी सैलेरी देते हैं, पीजीटी, टीजीटी कितने शिक्षक हैं, हर कक्षा में छात्रों की संख्या कितनी है, स्कूल की वीडियो क्लिप, स्कूल लैब की फोटो, स्कूल संसाधनों की जानकारी, स्कूल कहां स्थित है।
यह सब जानकारी नियमित रुप से जानने के लिए ही यह सिस्टम बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार स्कूलों को नोटिस भेजना शुरु कर दिया गया है।