केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा सौर ऊर्जा के प्रयोग का निर्देश जारी किया है। सीबीएसई ने कहा है कि स्कूलों में रोजमर्रा के कामकाज में बड़ी मात्रा में बिजली का प्रयोग किया जाता है।
स्कूल पावर बैकअप के लिए डीजल से चलने वाले जनरेटर का भी प्रयोग करते है। सौर ऊर्जा के प्रयोग से हम अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा करने के साथ पर्यावरण को बचाने में भी सहयोग कर सकते है।
सीबीएसई ने स्कूलों से कहा है कि वह अपने छतों पर सोलर पैनल का प्रयोग करें। जहां तक संभव हो सके वह सौर ऊर्जा से बनने वाली बिजली का प्रयोग स्कूलों में करें। स्कूल बच्चों को अक्षय (रिन्युबल) ऊर्जा के बारे में जागरूक करें।
इसके लिए स्कूलों में आयोजन भी किया जाएं। इससे बिजली के बिल में भी कमी आएगी। स्कूलों को केंद्र सरकार के नेशनल सोलर मिशन का हवाला देते हुए सीबीएसई ने कहा है की सरकार भी चाहती है कि सौर ऊर्जा का प्रयोग बढ़े।