दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के छात्र अब ई-लाइब्रेरी के माध्यम से पढ़ाई कर पाएंगे। एसओएल प्रशासन ई-लाइब्रेरी की सुविधा लेकर आ रहा है। इस पर निजी प्रकाशकों की टेक्सट बुक व रेफरेंस पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। खास बात यह है कि इसके लिए छात्रों को कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना है। यह भुगतान निजी प्रकाशकों को प्रशासन खुद देगा।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग के निदेशक प्रो. सी.एस दुबे ने बताया कि छात्र तकनीकी रूप से सक्षम बनें इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही प्रशासन अपनी वेबसाइट में सुधार करने जा रहा है, जिसमें-ई लाइब्रेरी के पार्ट को जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने 40-45 निजी प्रकाशकों के साथ एक वर्कशॉप की है। उन्होंने बताया कि ऑक्सफोर्ड, एस.चांद व विली प्रकाशकों से बातचीत की जा रही है।
यह अपनी टेक्सट बुक व रेफरेंस बुक ई-रूप में उपलब्ध कराएंगे। ऐसे में यदि कोई छात्र उसे डाउनलोड करना चाहेगा तो प्रति पेज के हिसाब से हम प्रकाशक को भुगतान करेंगे। छात्र ने कितने पेज डाउनलोड किए यह ऑटोमैटिक गिने जाएंगे।
डीयू के एसओएल में तीन वर्ष के छात्रों को मिलकर कुल 4.50 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। कई बार लाइब्रेरी से किताबें कई दिनों के लिए छात्र जारी करा लेते हैं और दूसरे छात्रों को इस कारण परेशानी होती है। लेकिन किताबों का ई-बुक्स फॉरमेट होने से छात्रों को यह आसानी से उपलब्ध होगी।
छात्रों को किताबें पढ़ने या डाउनलोड करने के लिए अलग से यूजर नेम और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। वह उस पासवर्ड और यूजरनेम का इस्तेमाल करके पुस्तकें ऑनलाइन हासिल कर सकेगा। इस तरह से ऑनलाइन जाकर पढ़ने और डाउनलोड करने की सुविधा छात्रों को मिलेगी।