स्कूल या कॉलेज लाइफ में की गई सामाजिक सरोकर दाखिला का जरिया बन सकता है। सामाजिक गतिविधियों की महत्ता बढ़ाने के लिए महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी ने संबद्ध कॉलेजों में दाखिला के समय वेटेज देने का फैसला लिया है। जिससे छात्रों को आसानी से दाखिला मिल सकेगा। अगर सामाजिक सरोकार की गतिविधियों में लगे रहे है तो इसका जिक्र फॉर्म में जरूर करें।
रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए रक्तदान करने वाले छात्रों को अतिरिक्त पांच अंक का वेटेज दाखिला में दिया जाएगा। 12वीं कर कॉलेज में आने वाले छात्रों को इसका कम फायदा मिलेगा, लेकिन स्नातकोत्तर के दाखिले में यह काफी मददगार साबित होगा।
सरकारी या पंजीकृत ब्लड बैंक को पांच बार रक्तदान किया है तो इसके लिए पांच अंक मिलेंगे। अगर किसी शिविर के जरिए भी रक्तदान कर सरकारी या पंजीकृत ब्लड बैंक को सामाजिक काम के लिए रक्त दिया है तो भी इसके लिए अंक मिलेंगे। इसके लिए रेडक्रॉस सोसाइटी या पंजीकृत ब्लड बैंक का डॉक्यूमेंट जरूरी है।
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने बताया कि कॉलेजों को आदेश दिया है कि मेरिट में इसे तवज्जों दे। अगर कोई छात्र कक्षाएं शुरू होने के बाद रक्तदान करता है तो उस दिन की पूरी कक्षा के लिए विशेष छुट्टी दी जाए। अनुपस्थिति के रूप में नहीं गिनती होगी।
ग्रामीण छात्रों को फायदा
अगर किसी छात्र ने ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल से 10वीं या 12वीं की है तो उसे भी कॉलेज के दाखिला में फायदा होगा। कॉलेज ने ग्रामीण छात्रों को बढ़ावा देने के लिए पांच अंक वेटेज देने का फैसला किया है। इस बार यह फैसला सभी निजी व सरकारी स्कूलों में पढने वाले छात्रों पर लागू होगा।
हालांकि पिछले वर्ष तक यह केवल सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए था। इस पर उच्चतर शिक्षा विभाग के निर्देश पर इसमें सभी छात्रों को शामिल किया गया है। इसके बदले छात्रों को 05 नंबर का वेटेज दिया जाएगा। ऐसे में जहां दाखिला के वक्त एक-एक अंक से दाखिला छूट जाता है, इस तरह का वेटेज मिलने से छात्रों के लिए दाखिले की राह आसान होगी।