चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी की ओर से परंपरागत कोर्सों की तरह प्रोफेशनल कोर्स के छात्रों को भी 2016 की मुख्य परीक्षाओं के अंतिम सेमेस्टर की प्रस्तावित बैक पेपर परीक्षाओं की अनुमति दी गई थी, मगर कुछ कॉलेजों और छात्रों की त्रुटियों के कारण कई विद्यार्थियों के हाथ से यह मौका अब निकल गया है।
ऐसा इसलिए हुआ है कि क्योंकि छात्रों ने गलत जानकारी यूनिवर्सिटी को दी है। दरअसल, यूनिवर्सिटी ने इस बार परंपरागत कोर्सों की तर्ज पर प्रोफेशनल कोर्स के छात्रों को 2016 की मुख्य परीक्षाओं के अंतिम सेमेस्टर की प्रस्तावित बैक पेपर परीक्षाओं की अनुमति दी थी।
विद्यार्थियों और कॉलेजों द्वारा भरे गए फॉर्म आदि की हार्ड कॉपी से जानकारी मांगी गई थी। यूनिवर्सिटी ने जब स्क्रूटनी की, तो पाया कि छात्रों द्वारा रि-बैक के लिए फॉर्म भर दिए गए हैं, जबकि कुछ कॉलेजों ने परीक्षा फॉर्म की हार्ड कॉपी ही जमा नहीं की है।
ऐसे में उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। हालांकि ऑनलाइन तो आवेदन किया था। इसके अलावा कुछ विद्यार्थियों ने अंक तालिका ही अटैच नहीं की है, जिससे उनका परीक्षण संभव नहीं था कि वह इस परीक्षा के पात्र हैं या नहीं।
ऐसे अभ्यर्थियों का आवेदन निरस्त कर दिया है। साथ ही कुछ छात्रों ने कई प्रकार की गलतियां की हैं, जिससे हजारों छात्रों के हाथ में आया मौका निकल गया है। कुलसचिव ने बताया कि कॉलेजों और छात्रों की लापरवाही के कारण काफी छात्र इस बार मिले मौके का लाभ नहीं ले पाएंगे। गलती करने वाले छात्रों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं।