विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक श्रेणी वाले 20 विश्वविद्यालयों में दूरस्थ माध्यम (ओपन एंड डिस्टेंस मोड) से डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई को मंजूरी दे दी है। यह सभी विश्वविद्यालय जुलाई 2019 और जनवरी 2020 सत्र के लिए तय नियमों के तहत दाखिला कर सकते हैं। यूजीसी सचिव प्रो. रजनीश जैन के मुताबिक, जनवरी में यूजीसी काउंसिल की बैठक आयोजित हुई थी। यूजीसी रेगुलेशन 2018 के तहत एक श्रेणी वाले विश्वविद्यालयों को दूरस्थ माध्यम से डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई की मंजूरी दी है।
दूरस्थ माध्यम से शिक्षा के लिए स्टेट और डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी स्टेट्स वाले विश्वविद्यालयों को चुना गया है। इसके तहत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, जम्मू विश्वविद्यालय, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड दिल्ली और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर, राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ तिरुपति, श्रीरामचंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च चेन्नई, यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद, उस्मानिया यूनिवर्सिटी तेलंगाना, गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट आंध्र प्रदेश, भारती विद्यापीठ महाराष्ट्र, उत्कल यूनिवर्सिटी ओडिशा आदि का नाम शामिल है।
इग्नू की तर्ज पर जनवरी और जुलाई सत्र में दाखिला
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी की तर्ज पर यूजीसी ने दूरस्थ माध्यम से डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करवाने वाले विश्वविद्यालयों को साल में दो सत्र के तहत दाखिला करवाने की अनुमति प्रदान कर दी है। इसी के तहत उक्त 20 विश्वविद्यालय जनवरी और जुलाई सत्र में तय नियमों के तहत डिग्री प्रोग्राम में दाखिला करवा सकते हैं। जनवरी सत्र के लिए फरवरी के अंत तक दाखिला होना अनिवार्य है।
यूजीसी को दाखिला बंद होने व सीट आदि की विस्तार रिपोर्ट विश्वविद्यालयों को 10 मार्च तक भेजनी होगी। जबकि जुलाई सत्र के लिए अगस्त के आखिरी हफ्ते तक ही दाखिला विंडो खुली रहेगी। जुलाई सत्र की दाखिला संबंधी रिपोर्ट 10 सितंबर तक यूजीसी को भेजनी होगी। इसके अलावा विश्वविद्यालयों को अपनी वेबसाइट पर दूरस्थ माध्यम से डिग्री प्रोग्राम, सीट, कितनी सीट भरी गई आदि की जानकारी अपलोड करनी अनिवार्य रहेगी।