गेट (ग्रेजुएशन एप्टीट्यूट टेस्ट फॉर इंजीनियरिंग) के लिए आवेदन प्रक्रिया 01 सितंबर से शुरू होगा। इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
इस बार गेट का आयोजन आईआईटी रुड़की द्वारा किया जा रहा है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (बेंगलुरु) और देश के प्रमुख सात भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में एमटेक (मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी), एमई (मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग) एवं पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) में दाखिला गेट स्कोर के आधार पर मिलता है।
गेट अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित होनेवाली प्रवेश परीक्षा है। जो इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, ऑर्किटेक्चर में ग्रेजुएट एवं साइंस में पोस्टग्रेजुएट करनेवाले छात्रों के लिए एक रास्ता बनाती है।
इसके लिए गेट जरूरी है। गेट का स्कोर तीन साल के लिए मान्य रहता है। इस बार गुड़गांव और फरीदाबाद में भी ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
गेट-2017 के लिए बतौर योग्यता चार वर्षीय इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी की बैचलर डिग्री या ऑर्किटेक्चर में बैचलर डिग्री या साइंस में बैचलर डिग्री के बाद चार वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री रखनेवाले विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।
गेट स्कोर इंजीनियरिंग में दाखिले के साथ गवर्नमेंट जॉब के रास्ते भी इससे खुलते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम कंपनियां गेट के माध्यम से भर्ती करती हैं।
कैसी होगी परीक्षा
इस बार गेट कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा है। जिसमें विभिन्न विषयों के 23 पेपर होंगे। छात्र अपनी स्ट्रीम के अनुसार पेपर चुन सकते हैं।
यह परीक्षा 100 अंक की होगी। जिसके लिए तीन घंटे का समय मिलेगा। इसमें मल्टीपल च्वॉइस एवं न्यूमेरिकल टाइप के प्रश्न होंगे।
महिला और आरक्षित श्रेणियों के अभ्यार्थियों के लिए 750 रुपये और सामान्य छात्रों के लिए 1500 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा।
स्कॉलरशिप दिला सकता है गेट स्कोर
बहुत सी स्कॉलरशिप के लिए भी इस परीक्षा का स्कोर मान्य होता है। एक वैध गेट स्कोर मास्टर कार्यक्रम के लिए छात्रों को एमएचआरडी या अन्य सरकारी एजेंसियों से वित्तीय सहायता दिला सकता है। इसकी विस्तृत जानकारी गेट 2017 के नोटिफिकेशन से प्राप्त कर सकते हैं।