दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2018-19 में एमफिल-पीएचडी में दाखिले शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल, एक महीने से अधर में लटके एमफिल-पीएचडी के दाखिले के लिए डीयू ने हरी झंडी दे दी है। इस तरह से 51 विभागों के 157 पाठ्यक्रमों के दाखिले में एससी, एसटी, ओबीसी व दिव्यांग उम्मीदवारों को पांच फीसदी छूट मिलेगी। इसके लिए रिसर्च कांउसिल की चेयरमैन प्रो. पम्मी दुआ की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। उम्मीदवार की कमी होने पर अंकों में पांच फीसदी की कमी करने का अधिकार शोध समिति के पास रहेगा। यूजीसी के नियमानुसार छूट के आधार पर शोध कार्य करने वाले छात्रों को प्रवेश दिया जा सकता है। हालांकि, अभी दाखिले कब से शुरू होंगे इस संबंध में स्पष्ट नहीं बताया गया है।
एक माह पहले एमफिल-पीएचडी में एससी, एसटी, ओबीसी व दिव्यांग कोटे के उम्मीदवारों को केंद्र सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई थी। इसे लेकर कैंपस में काफी धरना प्रदर्शन भी हुए थे। आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों के असंतोष को देखते हुए विभागों में एमफिल-पीएचडी के साक्षात्कार को अगले आदेश तक के लिए टाल दिया गया था। पांच फीसदी छूट के संबंध में यूजीसी के सर्कुलर आने के बाद डीयू ने भी अधिसूचना जारी कर दी।
डीयू की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार एससी, एसटी, ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर) दिव्यांगों के लिए 5 प्रतिशत की छूट यूजीसी द्वारा किसी भी परीक्षा में दी जाएगी। अर्थात, 50 फीसदी की जगह 45 फीसदी होगी। अधिसूचना में कहा गया है कि एमफिल-पीएचडी में सभी श्रेणियों के प्रवेश हेतु आयोजित किए गए साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवारों के नाम प्रकाशित नहीं किए जाएंगे, जब तक मेरिट के आधार पर किसी सदस्य को चुन नहीं लिया जाता।