दिल्ली विश्वविद्यालय में नया सत्र शुरु हुए एक सप्ताह हो चुका है लेकिन कॉलेजों में ठीक प्रकार से पढ़ाई शुरु नहीं हो पा रही। दरअसल कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया जारी है और इस कारण लगातार एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में शिफ्ट होने का सिलसिला चल रहा है।
कॉलेज उम्मीद करकेचल रहे थे कि सातवीं कट ऑफ में दाखलि रद करा कर दूसरे कॉलेज में जाने का सिलसिला थम जाएगा। लेकिन सातवीं कट ऑफ के दाखिले के पहले दिन कॉलेजों में 10 से लेकर 40 दाखिले रद हो गए। इस कारण से अब कॉलेज परेशान है कि दाखिले के आखिरी दिन(शुक्रवार) को कैसे सीटें भरेंगी।
उल्लेखनीय है कि सातवीं कट ऑफ के दाखिले का शुक्रवार को आखिरी दिन है। दिल्ली विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को सातवीं कट ऑफ जारी की गई। सातवीं कट ऑफ केपहले दिन भी कुछ कॉलेजों में दाखिले से ज्यादा दाखिले रद हो गए।
इस कारण से कुछ कॉलेजों केकुछ कोर्सेज फिर से खाली हो गए। कॉलेज मान कर चल रहे हैं कि जब तक अब कट ऑफ आने का दौर थमेगा नहीं तब तक यह शिफंर्टग ऐसी ही चलती रहेगी। इससे कॉलेजों केसाथ-साथ दाखिला ले चुके छात्रों को भी परेशानी होगी।
शिवाजी कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ शशि निझावन ने कहा कि सातवीं कट ऑफ केपहले दिन सभी कोर्सेज मिलाकर 40 दाखिले रद हो गए। बीती कट ऑफ में बीकॉम पास कोर्स से लगभग 90 छात्रों ने दाखिला रद करा लिया था लिहाजा वह अभी भी भर नहीं पा रहा।
चूंकि अभी बीएमएस, बीबीए(एफआईए), बीबीई केदाखिले जारी हैं लिहाजा बीकॉम केछात्र दाखिला रद कराकर वहीं दाखिला ले रहे हैं। या फिर दूसरे कॉलेज में बेहतर विकल्प मिलने पर वहां जा रहे हैं। वह कहती हैं कि जब तक कट ऑफ आने का दौर थमेगा नहीं कॉलेज में स्थिरता नहीं आ पाएगी।
श्री अरबिंदो कॉलेज केप्रिंसिपल डॉ विपिन अग्रवाल ने बताया कि सातवीं कट ऑफ के पहले दिन बृहस्पतिवार को ही बीकॉम से 23 दाखिले रद हो गए और महज 9 दाखिले हुए। ट्रेंड सामने आ रहा है कि छात्र दाखिले रद कराकर आईपीयू में भी दाखिला ले रहे हैं। जब तक दाखिले जारी रहेंगे शिफंर्टग ऐसे ही चलती रहेगी और सीटें भर नहीं पाएंगी। ऐसे में इसका असर जिन छात्रों की पढ़ाई शुरु हो चुकी है, उन पर भी पड़ेगा।