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डीयू छात्रसंघ चुनावः 4 में से 3 सीटों पर ABVP का कब्जा, अमित तंवर बने प्रेसिडेंट

Sat, 10 Sep 2016 12:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : dd news
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एक बार फिर कब्जा जमाते हुए चार में से तीन सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि एक सीट पर एनएसयूआई ने जीत पाई है।
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अमित तंवर डूसू के नए अध्यक्ष होंगे वहीं प्रियंका उपाध्यक्ष होंगी। अंकित सिंह सांघवान महासचिव और एनएसयूआई के मोहित संयुक्त सचिव बने हैं। प‌िछले इलेक्शन में भी डूसू पर एबीवीपी का ही कब्जा रहा है। अपनी जीत के बाद एबीवीपी बड़ी रैली न‌िकालेगी।

एनएसयूआई और एबीवीपी के मुख्य मुकाबले वाले इस चुनाव में बीते चार वर्षों में इस वर्ष सबसे कम मतदान हुआ। दो चरणों में संपन्न हुए चुनावों में लगभग 37 फीसदी ही मतदान हुआ। जो कि लगभग बीते साल के मतदान से काफी कम हैै। बीते साल मतदान का प्रतिशत 43.30 फीसदी रहा था।
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डीयू में शुक्रवार को डूसू चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ। इसी के साथ उम्मीदवारों का भविष्य ईवीएम में बंद हो गया। बीते पांच वर्षों के बाद यह पहला मौका है जब डूसू में मतदान 40 फीसदी से कम हुआ हो। वर्ष 2011 में लगभग 35 फीसदी मतदान हुआ था, जिसके बाद लगातार मतदान औसतन 40 से 43 फीसदी के बीच ही रहा है।

उम्मीदवारों को मिले वोटों की संख्या: 
अध्यक्ष पद:
विजेता: अमित तंवर (एबीवीपी)-16537 वोट
उपविजेता: निखिल यादव (एनएसयूआई)-11857 वोट

उपाध्यक्ष पद:
विजेता: प्रियंका छावड़ी (एबीवीपी)-15592 वोट
उपविजेता: अर्जुन छपर्णा (एनएसयूआई)-13137 वोट

सचिव पद:
विजेता: अंकित सांगवान(एबीवीपी)-15518 वोट
उपविजेता: विनिता धाके (एनएसयूआई)-13833 वोट

संयुक्त सचिव पद: 
विजेता: मोहित गारिद (एनएसयूआई)-16526 वोट
उपविजेता: विशाल यादव (एबीवीपी)- 14060

सुबह की पाली में हुआ 35.89 फीसदी मतदान

मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. डी. एस रावत ने बताया कि सुबह की पाली में 35.89 फीसदी मतदान हुआ। सबसे अधिक मतदान की बात कीजाए तो बीते साल की तरह ही तिब्बिया कॉलेज में 91 फीसदी वोटिंग हुई है।

सबसे अधिक 6,332 वोटर होने के बावजूद रामजस कॉलेज में सबसे कम 13.34 फीसदी वोटिंग हुई। जबकि कैंपस लॉ सेंटर में 15 फीसदी वोटिंग हुई। दरअसल, कैंपस लॉ सेंटर में अच्छे वोट पड़ते हैं। 

कहा जा रहा है कि इस बार कम वोटिंग होने का कारण यह है कि वहां पर विभागीय स्तर पर चुनाव नहीं हुए। लिहाजा छात्र डूसू के चुनाव के लिए वोट करने नहीं आए। 

वहीं रामजस में भी कॉलेज स्तर पर चुनाव न होने का असर डूसू चुनाव में देखने को मिला है। जहां तक आउट ऑफ कैंपस कॉलेजों की बात है तो श्रद्धानंद कॉलेज में भी अच्छे वोट पड़े हैं। बताया जा रहा है कि कैंपस कॉलेजों में 30-35 फीसदी और ऑफ कैंपस कॉलेजों में 35-40 फीसदी के बीच वोटिंग हुई। 
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शुरू में वोटिंग की रफ्तार धीमी रही 

- फोटो : अमर उजाला
पोलिंग स्टेशन पर सुबह 8.30 से वोटिंग शुरू हुई जो कि 12.30 बजे समाप्त हुई। शुरुआत से ही वोटिंग की रफ्तार काफी धीमी रही। नॉर्थ कैंपस के मिरांडा हाउस में वोट के लिए लाइनें लगी, जबकि हंसराज में 11 बजे के बाद थोड़ी भीड़ दिखाई दी। 

हालांकि, आउट ऑफ कैंपस कॉलेजों में वोटिंग करने के लिए छात्रों की भीड़ रही। वहीं सांध्यकालीन कॉलेजों में दोपहर तीन बजे शुरू हुई वोटिंग शाम सात बजे तक संपन्न हुई। 

इस दौरान रामजस कॉलेज में 11 बजे ईवीएम खराब होने की सूचना मिली। साथ ही दयाल सिंह कॉलेज व अरबिंदो कॉलेज में मशीन खराब होने की सूचना आई। 

हालांकि, बाद में सही कर लिया गया। मतगणना पुलिस लाइन में शनिवार सुबह आठ बजे शुरू की जाएगी। चुनाव के नतीजे तीन से चार घंटे में घोषित कर दिए जाएंगे। 

बीते पांच वर्षों का मतदान फीसदी
वर्ष 2011            35.0
वर्ष 2012            40.4
वर्ष 2013            43.38
वर्ष 2014            44.43
वर्ष 2015            43.30
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