दिल्ली सरकार ने 9वीं-12वीं तक की छात्राओं को अगले वित्त वर्ष से मिड डे मील मुहैया कराएगी। अभी केंद्र सरकार की योजना के तहत आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को मिड मील दिया जाता है जिसका सालाना खर्च करीब 96 करोड़ रुपये का है।
अब 450 लड़कियों के स्कूल में मिड डे मील दिल्ली सरकार अपने खर्च पर शुरू करेगी जिस पर सालाना करीब 50 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इतना ही नहीं मिड डे मील में एक-एक अंडा और केला भी शामिल किया जाएगा।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मिड डे मील की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि 8वीं के बाद भी इसकी जरूरत स्कूलों में है। विशेष तौर पर लड़कियों को पौष्टिक आहार की जरूरत अधिक होती है। लड़के किसी तरह से काम चला लेते हैं।
यही वजह है कि सरकार ने अब 9वीं से 12वीं की लड़कियों को भी आगामी वित्त वर्ष से मिड डे मील देने का फैसला किया है। पौष्टिकता बढ़ाने के लिए मिड मील में एक-एक अंडा और केला भी दिया जाएगा।
अंडे पर कथित विवाद को लेकर अधिकारी का कहना है कि जो खाना चाहें लें और जो नहीं खाना चाहते हों, वो ना लें। मिड-डे मील की इन दोनों योजनाओं के लिए आम आदमी पार्टी सरकार बजट में फंड का प्रावधान करेगी।
बच्चों का बॉडी मास इंडेक्स भी होगा तैयार
दिल्ली सरकार ने मिड-डे मील दिए जाने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले फर्क को देखने के लिए प्रत्येक तीन महीने में बॉडी मास इंडेक्स तैयार कराएगी। इसमें छात्र-छात्राओं का वजन और लंबाई का हिसाब को स्कूल में शिक्षक रखेंगे। इससे छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की मॉनीटरिंग भी हो जाएगी।