मान्यता संबंधी मानकों पर खरा न उतरने वाले जिले के 69 स्कूलों को हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने राहत दी है। इन स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हजारों बच्चों के भविष्य को ध्यान में रख स्कूलों को एक साल के लिए अस्थायी मान्यता दे दी गई है। तय समय सीमा में मानक पूरे न होने पर स्कूल संचालकों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। अगले साल फिर इन स्कूलों की जांच कराई जाएगी।
जिले के 69 स्कूलों को निदेशालय ने एक सप्ताह का समय देकर मान्यता संबंधित दस्तावेज तलब किए थे। इसके बाद भी कुछ स्कूलों ने शिक्षा विभाग से मानक पूरा करने के लिए समय मांगा था। जिला शिक्षा विभाग की तरफ से भी निदेशालय के सामने पक्ष रखा गया था। जिन स्कूलों को निदेशालय ने राहत दी है, वह वर्ष 2003 एवं 2007 से अस्थायी मान्यता पर चल रहे हैं। जांच के दायरे में होने के बावजूद हर साल बच्चों को दाखिला देकर उनका भविष्य खतरे में डाल देते हैं और इसी का हवाला देकर अस्थायी मान्यता प्राप्त कर लेते हैं।
हालांकि, शिक्षा जगत से जुड़े लोग शिक्षा निदेशालय के इस फैसले को गलत बता रहे हैं। शिक्षाविदों का कहना है कि हर साल एक-एक बार अस्थायी मान्यता बढ़ाकर इन स्कूलों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जिले के इन 69 स्कूलों में अनुमानित 20 हजार विद्यार्थी कक्षा पहली से बारहवीं तक में अध्ययन कर रहे हैं। यदि शिक्षा निदेशालय अपने दिए गए निर्देश पर कायम रहता, तो इन विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर संकट खड़ा हो जाता। हालांकि विभाग ने साफ कर दिया कि नया दाखिला करने से पहले मान्यता संबंधी दस्तावेज को अभिभावक अच्छे से जांच लें।