लॉकडाउन के दौरान नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी के खिलाफ ऑनलाइन अभियान शुरू किया है। इसके जरिए लोगों से आह्वान किया गया है कि वे अपने बच्चों को घरों में सुरक्षित रखें। क्योंकि, संकट की इस अवधि में बाल यौन शोषण, डिजिटल चाइल्ड पोर्नोग्राफी और ट्रैफिकिंग का खतरा बढ़ जाता है।
कैलाश सत्यार्थी ने रविवार को इस अभियान की शुरुआत करते हुए आगाह किया कि कोविड-19 के खतरे के चलते हम अपने घरों में सुरक्षित महसूस कर सकते हैं, लेकिन घरों, आश्रय गृहों और इंटरनेट पर हमारे बच्चों को गंभीर खतरा है। मौजूदा समय यौन शोषण, ऑनलाइन दुर्व्यवहार और ट्रैफिकिंग की आशंका कहीं ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि आइए एक साथ मिलकर हम यह प्रण करें कि हमारे बच्चे अपने घरों में पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन (केएससीएफ) के इस अभियान को सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन चलाया जा रहा है, लेकिन लॉकडाउन हटने पर इसे जमीनी स्तर पर चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की आर्थिक कठिनाई और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।