बुलंदशहर जिले के ईनामी बदमाश दीपक भाटी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने तीन माह पहले जाल बिछा दिया था। पुलिस को पता लग गया था कि हबीबपुर गांव में बदमाश किराये के मकान में रह रही मां से मिलने आता था।
पुलिस ने वहां मुखबिर तैयार किया, जो उसकी मां पर नजर रखता था। दीपक जैसे ही मां से मिलने पहुंचा तो मुखबिर ने पुलिस को सूचित कर दिया।
इसके बाद ही मुठभेड़ के बाद बदमाश पकड़ा गया।
उसकी मां किराये के मकान पर रह रही थी
पुलिस के मुताबिक, दीपक भाटी पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पिछले कुछ महीनों के दौरान शहर में होने वाली ज्यादातर कार लूट की वारदात को उसी ने अंजाम दिया था।
उसने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ और गाजियाबाद के थाना क्षेत्र में करीब 30 कार लूट की है। दीपक की पहली मुठभेड़ नॉलेज पार्क थाना पुलिस से हुई थी।
दूसरी मुठभेड़ दादरी थाना क्षेत्र आमका गांव में सोमवार को हुई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हबीबपुर स्थित उस मकान में दबिश दी, जहां तीन महीने से उसकी मां किराये के मकान पर रह रही थी।
मां और बहनोई को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
कासना थानाध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह ने बताया कि दीपक पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित है। शहर में होने वाली ज्यादातर कार लूट उसी ने की थी।
मुठभेड़ के दौरान दीपक भाटी के साथ पकड़ी गई उसकी मां विरमा और बहनोई लवीश को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इकोटेक थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह भड़ाना ने बताया कि दीपक की हालत में सुधार नहीं है।
वह अदालत जाने की स्थिति में नहीं है। सीजेएम ने सिविल जज को बयान लेने अस्पताल भेजा। रात 2 बजे तक दीपक का ऑपरेशन चला है। हालात में सुधार होने तक अभी उसे अस्पताल में ही रखा जाएगा।