यमुना एक्सप्रेस वे वाहन चालकों को सड़क किनारे वाहनों को खड़ा करना जानलेवा साबित हो रहा है। अक्सर चौथी लाइन में वाहन खड़े करके पहिया बदलने में लोग लग जाते हैं और तेज रफ्तार भारी वाहन चौथी लेन में चलते हुए खराब वाहनों को चपेट में ले लेते हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में भी दयानतपुर के समीप टायर बदलने के दौरान कैंटर ने टाटा मैजिक टेंपो को टक्कर मार दी, जिससे चार लोगों की मौत हो गई। मामले में टेंपो का आधा हिस्सा चौथी लेन और आधा ग्रीन बेल्ट में खड़ा था।
पीछे से आ रहा कैंटर चालक सामने खड़ा वाहन देख नहीं सका और हादसा हो गया। 5 फरवरी को दिल्ली करावल नगर से मध्यप्रदेश बारात लेकर जा रही बस भी टायर बदलने के दौरान ट्रक का शिकार हुई थी। जिसमें दूल्हे के भाई सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे।
जनवरी में मथुरा से गाजियाबाद जा रहे परिवार की कार भी सड़क किनारे खड़े वाहन से टकरा गई था जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। एक्सप्रेस वे प्रशासन ने जनवरी में वाहन चालकों को चाय पिलाकर नींद भगाने का उपाय भी खोजा था, लेकिन वाहन चालकों की लापरवाही के चलते लगातार सड़क किनारे पहिया बदलने के दौरान हादसों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
टायर पंचर होने पर हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल
यमुना एक्सप्रेसवे पर यदि किसी भी समय गाड़ी का टायर पंचर हो जाए तो चालक गाड़ी को तुरंत ग्रीन बेल्ट में उतार लें। इसके बाद हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके एक्सप्रेसवे कर्मियों को सूचना दें, ताकि मौके पर कर्मी पहुंचकर बेरिकेडिंग करके वाहनों को साइड से गुजारने में मदद की जा सके।
- जेके शर्मा, जेवर टोल प्लाजा मैनेजर