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साइबर ठगी का बड़ा खेल: एप्पल अधिकारी बनकर अमेरिकी नागरिकों को डराते, फिर गिफ्ट कार्ड से ठगी; सात गिरफ्तार

Wed, 30 Sep 2026 07:41 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

द्वारका जिला पुलिस ने नारायणा औद्योगिक क्षेत्र में फर्जी एप्पल/आईओएस तकनीकी सहायता कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर महिला समेत सात साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया। आरोपी अमेरिकी नागरिकों को वायरस और मैलवेयर का डर दिखाकर गिफ्ट कार्ड के जरिए ठगी करते थे।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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द्वारका जिला पुलिस ने फर्जी एप्पल/आईओएस तकनीकी-सहायता कॉल सेंटर के जरिये अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए महिला समेत सात साइबर जालसाजों को पकड़ा है। पुलिस ने कॉल सेंटर के मालिक और साझेदार समेत सात लोगों को नारायणा औद्योगिक क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। 
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आरोपी नारायणा औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 स्थित एक परिसर से वेप्ट्रा नाम से संचालन कर रहे थे। द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशलपाल सिंह ने बताया कि जिले की एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर मनीष यादव ,एसआई धनंजय कुमार और एसआई जितेंद्र सिंह की टीम ने यह कार्रवाई 25 सितंबर को मिली विशिष्ट जानकारी के बाद की गई जिसके बाद एक टीम ने परिसर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर मालिक अरुण (29), उसके साझेदार सलीम (28) और पांच अन्य को हिरासत में लिया गया। 

कॉलर फर्जी अंग्रेजी नामों के तहत अमेरिका में लोगों से बातचीत करते थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार, एप्पल/आईओएस तकनीकी-सहायता अधिकारी बनकर टोल-फ्री नंबरों के माध्यम से अमेरिका निवासियों से संपर्क करते थे। वह पीड़ितों को बताते थे कि उनके उपकरणों या प्रणालियों में वायरस, मैलवेयर या अश्लील सामग्री पाई गई है और तत्काल तकनीकी सहायता की पेशकश करके उनमें आशंका पैदा करते थे।

पुलिस उपायुक्त सिंह ने कहा कि इसके बाद पीड़ितों को तकनीकी समस्याओं को हल करने के लिए गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए राजी किया जाता था। बयान में कहा गया कि आरोपी गिफ्ट-कार्ड का विवरण या कोड हासिल कर इसे अपने साथियों के साथ साझा करते थे। पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपियों के कब्जे पांच लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन, 10 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, पांच चेक बुक और एक ऑडी कार बरामद की गई है।
 
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गिरफ्तार आरोपी-लुधियाना, पंजाब निवासी सिमरनजीत पुत्र अमरजीत सिंह (33) कॉल-सेंटर ऑपरेटर के तौर पर काम करना था। वह  रोजाना कॉल करने वालों को यूजर आईडी, पासवर्ड और अन्य लॉगिन क्रेडेंशियल देने समेत ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़िम्मेदारी संभालता था। न्यू पालम विहार, गुरुग्राम, हरियाणा निवासी मार्क मार्टिन पुत्र मार्टिन मेसी(47) का काम विदेशी कॉल संभालना और टेक्निकल सपोर्ट सर्विस देने के बहाने विदेशी पीड़ितों को झांसे में लेना था। 

कोलकाता, पश्चिम बंगाल निवासी एल्टन जॉन साल्टर्स पुत्र एरॉल जॉन साल्टर्स (43) का कई सिस्टम चलाना और वीओआईपी आधारित एप्लिकेशन के जरिए विदेशी पीड़ितों से बातचीत करना। पहले भी इसी तरह के अपराध में शामिल रहा है। महरौली, दिल्ली निवासी अभिषेक एस अब्राहम पुत्र जे. रॉबर्ट (30) कॉल-सेंटर एजेंट के तौर पर काम करना और ऑनलाइन कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देना था। केंद्रपाड़ा, ओडिशा निवासी अनीता (34)कॉलर के तौर पर काम करती थी।
 
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