सीएजी की एक रिपोर्ट दिल्ली की बिजली कंपनियों की चोरी सामने आ गई है। इस रिपोर्ट में सीएजी ने बताया है कि किस तरह बिजली वितरण कंपनियों की हेराफेरी के चलते बिजली के दाम उपभोक्ताओं से बढ़ा-चढ़ाकर लिए जा रहे हैं।
सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि इन कंपनियों ने अपना 8000 करोड़ रुपए का घाटा बढ़ा चढ़ाकर दिखाया गया है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इसके चलते दिल्ली में बिजली के दाम घट सकते हैं।
सीएजी की इस रिपोर्ट के बाद आम आदमी पार्टी का लंबे समय से चला आ रहा वो दावा सही साबित हुआ है जिसमें वो बिजली कंपनियों द्वारा की जा रही गड़बड़ी की बातें करती रही है।
ऐसे दिखाया घाटा
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने यह खबर छापी है कि सीएजी ने अपनी 212 पेज की रिपोर्ट में अनिल अंबानी द्वारा नियंत्रित रिलायंस ग्रुप की कंपनियों बीएसईएस यमुना पॉवर लिमिटेड(बीवाईपीएल) और बीएसईएस राजधानी पॉवर लिमिटेड व टाटा पॉवर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के अकाउंट में हेराफेरी पाई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार इन कंपनियों ने मनमाने ढंग से ग्राहक विरोधी कार्य किए। इनमें महंगी बिजली खरीदना, लागत में बढ़ोतरी करना, सप्रेसिव रेवेन्यू, दूसरी प्राइवेट कंपनियों से बिना टेंडर के सौदा करना और समूह की कंपनियों को लाभ पहुंचाना शामिल है।
अगर ऑडिट में पाई गई गड़बड़ी को ठीक किया जाता है तो डिस्कॉम की लायबिलिटी काफी कम हो जाएगी जिससे बिजली के दाम अपने आप ही बहुत कम हो जाएंगे। सीएजी की रिपोर्ट में लिखा है कि दिल्ली में बिजली की कीमत कम हो सकती है लेकिन कंपनियों की धांधली की वजह से इसमें परेशानी आ रही है।
'केजरीवाल सरकार की है बडी जीत'
सीएजी की इस पूरी रिपोर्ट से आम आदमी पार्टी को बहुत बड़ा बल मिला है। बता दें कि बिजली कंपनियों द्वारा की जा रही गड़बड़ी की जांच के लिए केजरीवाल ने ही सीएजी को जिम्मेदारी सौंपी थी।
CAG findings of 8000 crore scam by power discoms is a major victory for @ArvindKejriwal govt. Wonder why congress & bjp didnt want an audit?— Ashish Khetan (@AashishKhetan) August 18, 2015
सीएजी की इस रिपोर्ट के बाद आप नेता आशीष खेतान ने ट्वीट कर इस रिपोर्ट को केजरीवाल सरकार की बहुत बड़ी जीत बताई है। उन्होंने आश्चर्य जताया है कि आखिर बीजेपी और कांग्रेस ऑडिट से पीछे क्यों भाग रही थीं?
By having an audit of discoms Delhi govt has saved 8000 crore that Delhites would have otherwise been forced to pay through increased tariff— Ashish Khetan (@AashishKhetan) August 18, 2015
ऑडिट होने से दिल्ली सरकार ने दिल्ली वालों के 8000 करोड़ बचाए हैं जिसे उन्हें जबरदस्ती महंगी बिजली के रूप में देना पड़ रहा था। उन्होंने आगे ट्वीट किया कि दिल्ली में बिजली के नाम पे जनता को लूटा जा रहा था। अगर केजरीवाल बिजली कम्पनियो के खिलाफ मोर्चा नहीं खोलता तो जनता की जेब ऐसे ही कटती रहती।
दिल्ली में बिजली के नाम पे जनता को लूटा जा रहा था. अगर केजरीवाल बिजली कम्पनियो के खिलाफ मोर्चा नहीं खोलता तो जनता की जेब ऐसे ही कटती रहती.— Ashish Khetan (@AashishKhetan) August 18, 2015
अगर बदलाव लाना है तो सवाल तो उठाने होंगे. क्यों दिल्ली पुलिस और DDA यथास्थिति बनाये रखना चाहते है? क्या वे जनता के लिए काम कर रहे है?— Ashish Khetan (@AashishKhetan) August 18, 2015