हालांकि प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि उनके पास अनुमति है और वे जंतर-मंतर तक मार्च करेंगे। प्रदर्शन में शामिल दस साल की उम्र के बच्चों से लेकर बुजुर्ग व्यक्तियों तक, नागरिक संस्थाओं के सदस्य और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी सीएए और सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
उनके हाथों में भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे स्वतंत्रता सेनानियों, सावित्रीबाई फुले जैसी समाज सुधारकों की तस्वीरें थीं। उन्होंने मांग की कि सरकार यह कानून वापस ले।
डॉ. कफील खान की पत्नी और शरजील इमाम के भाई ने भी ‘वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया’ के तत्वावधान में निकाले गए इस मार्च में हिस्सा लिया। खान को गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल त्रासदी में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों से सितंबर में बरी कर दिया गया था। पिछले दिनों उन्हें सीएए को लेकर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
इमाम को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ‘वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया’ के राष्ट्रीय सचिव सिराज तालिब ने कहा, 'हम सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारे पास अनुमति है। मैंने पुलिस से बात की है और हम जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे हैं।’