दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सीएए-एनसआरसी दंगों के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जामिया नगर स्थित बटला हाउस निवासी 25 वर्षीय मोहम्म्द साहिल के रूप में हुई है। साहिल पर जामिया नगर व न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में दंगा करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार का ईनाम घोषित किया हुआ था।
पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के मुताबिक, 15 दिसंबर 2019 को जामिया विश्वविद्यालय और उसके आसपास हुए दंगों के मामले में जामिया नगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जांच के बाद मामले को सात जनवरी 2020 को एसआईटी को स्थानांतरित कर दिया गया था। इस मामले में कुल 24 आरोपी को शामिल किया गया था, जिसमें 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया व 14 लोगों के मोबाइल की लोकेशन घटना स्थल पर मिलने पर पूछताछ की गई और आरोप पत्र दायर किया गया। मामले में आरोपी साहिल भी शामिल था।
अदालत में पेश न होने के कारण आरोपी मोहम्मद साहिल सहित पांच आरोपियों के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया। चार्जशीट के बाद आरोपी मोहम्मद साहिल ने अपना पिछला पता बदल लिया था। साथ ही अपने खिलाफ मुकदमे से बचने के लिए जामिया नगर में वह किराए के मकान में रहने लगा था। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसीपी रमेश चंद्र लांबा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तलाशी के दौरान के दौरान पुलिस ने आरोपी को जामिया नगर से दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपी मोहम्मद साहिल ने बताया कि उसने छठी कक्षा तक पढ़ाई की है और उसके बाद अपने परिवार की खराब स्थिति के कारण उसने स्कूल छोड़ दिया। परिवार चलाने के लिए वह सब्जियां और फल बेचने में अपने पिता की मदद करने लगा। कुछ समय बाद आरोपी का परिवार दिल्ली आकर जामिया नगर में रहने लगा। वह अपने पिता के साथ जामिया नगर में फल-सब्जी की रेहड़ी लगा रहा था। गत 15 दिसंबर को वह दंगाई भीड़ में शामिल हो गया था। वर्तमान में वह जामिया नगर के एक निजी स्कूल में वैन चालक के पद पर काम कर रहा था।