विधानसभा चुनाव में एमसीडी के 11 वार्डों के पार्षद विधायक बने हैं। वहीं, पिछले वर्ष कमलजीत सहरावत सांसद बनी थीं। विधायक बने पार्षदों को 15 दिन में एक पद चुनने के कारण दूसरे से त्याग पत्र देना होगा। सहरावत पहले ही पार्षद पद से त्याग पत्र दे चुकी हैं। लोकसभा चुनाव व विधानसभा चुनाव के मध्य समय कम होने से राज्य चुनाव आयोग ने गत वर्ष रिक्त हुए एक वार्ड का उपचुनाव नहीं कराया था। उसका मानना था कि विधानसभा चुनाव में भी कुछ पार्षदों को टिकट मिल सकता है और विधायक बनने पर वार्ड रिक्त होंगे। इस तरह सभी रिक्त वार्डों के एक साथ चुनाव कराए जाएं तो बेहतर होगा।
कुछ समय के लिए ठप होगा कामकाज
एमसीडी के रिक्त वार्डों के उपचुनाव की अधिसूचना जारी होते ही दिल्ली में एक बार फिर कामकाज ठप हो जाएगा, क्योंकि आचार संहिता लागू होने से दिल्ली सरकार और एमसीडी कोई भी नीतिगत फैसले नहीं ले सकेंगी।
कहां रिक्त हुए वार्ड
चांदनी चौक वार्ड के पार्षद पूरनदीप साहनी (आप), चांदनी महल वार्ड के पार्षद ओल मोहम्मद इकबाल (आप) मटिया महल क्षेत्र, दक्षिणपुरी वार्ड के पार्षद प्रेम चौहान (आप) देवली, मुंडका वार्ड के पार्षद गजेंद्र दराल (भाजपा) मुंडका क्षेत्र, शालीमार बाग बी वार्ड की पार्षद रेखा गुप्ता (भाजपा) शालीमार बाग क्षेत्र, अशोक विहार वार्ड की पार्षद पूनम शर्मा (भाजपा) वजीरपुर क्षेत्र, दिचाऊं कला वार्ड की पार्षद नीलम पहलवान (भाजपा) नजफगढ़ क्षेत्र, नारायणा वार्ड के पार्षद उमंग बजाज (भाजपा) राजेंद्र नगर क्षेत्र, संगम विहार वार्ड के पार्षद चंदन कुमार (भाजपा) संगम विहार क्षेत्र, ग्रेटर कैलाश वार्ड की पार्षद शिखा राय (भाजपा) ग्रेटर कैलाश क्षेत्र और विनोद नगर वार्ड के पार्षद रविंद्र नेगी (भाजपा) पटपड़गंज क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। वर्ष 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में द्वारका बी वार्ड की पार्षद कमलजीत सहरावत (भाजपा) पश्चिमी दिल्ली क्षेत्र से सांसद चुनी गईं थीं।