आम्रपाली ड्रीम वैली के खरीदारों के साथ त्रिपक्षीय बैठक में प्रोजेक्ट को पूरा करने का रोडमैप देने को 10 दिन का समय दिया गया था, लेकिन 42 दिन बीतने के बाद भी बिल्डर की तरफ से कोई रोडमैप नहीं दिया गया। इससे नाराज खरीदारों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर हंगामा किया और प्राधिकरण पर जान-बूझकर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
दरअसल, आम्रपाली ड्रीम वैली के साथ बीते 31 मई को बैठक हुई थी। खरीदारों ने प्राधिकरण से शिकायत की थी कि बिल्डर फ्लैट पर कब्जा नहीं देना चाह रहा है। इस वजह से मौके पर काम बंद है, जबकि 2010 में प्रोजेक्ट लांच करते समय चार साल में कब्जा देने का वादा किया था। बिल्डर यह भी नहीं बता रहा कि कब तक कब्जा देगा।
आम्रपाली के सीएमडी अनिल शर्मा खुद इसमें शामिल हुए और उन्होंने 10 जून तक रोडमैप बनाकर देने और जुलाई के प्रथम सप्ताह में काम शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौके पर काम शुरू कराना तो दूर की बात है, प्राधिकरण को रोडमैप भी प्रस्तुत नहीं किया गया है।
चार बिंदुओं प र मांगी गई थी रिपोर्ट
इसमें चार मुख्य बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई थी। पहला तीन साल का ऑडिट बैलेंस शीट। दूसरा, प्रोजेक्ट में कितना पैसा लग चुका है और कितना और लगना है। तीसरा, बचे हुए निर्माण को पूरा करने के लिए पैसों का स्रोत क्या है। चौथा, निर्माण का महीने वार पूरा विवरण। इससे नाराज खरीदारों ने एसीईओ जनार्दन से मिलकर नाराजगी जताई और प्राधिकरण पर मिलीभगत का आरोप लगाया। एसीईओ ने खरीदारों को बताया कि सभी बिल्डरों के काम पर निगरानी रखने के लिए जल्द ही नोडल एजेंसी हायर की जाएगी। प्रोजेक्ट नहीं बनाने वालों पर कार्रवाई होगी। बता दें कि इसमें करीब 7000 फ्लैट खरीदार पैसा लगा चुके हैं।
बिल्डरों पर कर्ज 4200 करोड़ के पार
ग्रेटर नोएडा। एक तरफ बिल्डर फ्लैट पर कब्जा नहीं दे रहे तो दूसरी तरफ उन पर कर्ज की राशि भी बढ़ती जा रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 102 डिफॉल्ट बिल्डरों की सूची प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपडेट की है, जिसमें बिल्डरों पर बकाया रकम पिछले माह की तुलना में करीब 200 करोड़ बढ़कर 4200 करोड़ के पार पहुंच गई है। इनमें से अधिकतर बिल्डर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के हैं। ब्यूरो
किसानों की सूची भी वेबसाइट पर
ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण ने किसानों को आवासीय भूखंड दिए जाने की सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। 57 गांवों के 8,903 किसानों की सूची डाली गई है। पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसानों की सूची ऑनलाइन की गई है। इसी तरह 48 गांवों में किसानों को बैकलीज करने का ब्योरा भी अपलोड किया गया है। किसान वेबसाइट पर इसे देख सकते हैं। ब्यूरो
बीके त्रिपाठी ने संभाला एसीईओ का पदभार
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ के रूप में बालकृष्ण त्रिपाठी ने मंगलवार को पदभार संभाल लिया है। वे खाद्य एवं रसद विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात थे। एक सप्ताह पहले उनका स्थानांतरण हुआ था। मंगलवार को उन्होंने ज्वाइन कर लिया।