सेक्टर-48 बरौला में ग्रीन बेल्ट की जमीन पर किए गए निर्माण पर प्राधिकरण और किसानों के बीच टकराव की हालत बनी हुई है। मंगलवार को प्राधिकरण की टीम बरौला पहुंची, लेकिन वहां तोड़फोड़ की कार्रवाई को पूरा नहीं कर पाई। इसके बाद टीम को वहां से लौटना पड़ा।
बुधवार को प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन ने बरौला के मामले में रिपोर्ट मांगी। बैठक में वहां के हालात के बारे में सीईओ को संबंधित अधिकारियों ने जानकारी दी। जिसके बाद यह तय किया गया कि पहले चरण में केवल दुकानों को वहां से हटाया जाएगा। इसमें पत्थर मार्केट की करीब 60 दुकानें शामिल हैं।
दूसरे चरण में ऐसी संपत्तियों को वहां से हटाया जाएगा, जिसके बारे में यह दावा किया जा रहा है कि यह ग्रीन बेल्ट से पहले के निर्माण हैं। इस बारे में प्राधिकरण पूरी तरह से सुनिश्चित करने के बाद ही दूसरे चरण के तोड़फोड़ की कार्रवाई करेगा।
इसके अलावा ऐसे लोग जिन्होंने कोर्ट से स्टे लिया हुआ है उनकी संपत्तियों पर प्राधिकरण कोई कार्रवाई नहीं करेगा। बैठक में कार्रवाई की रूपरेखा बनाई गई। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि वहां किसी भी तरह की कार्रवाई पूरे नियमों के मुताबिक की जाएगी।