सुशांतलोक सी-ब्लॉक स्थित व्यापार केंद्र तेजी से कैशलेस होने की ओर कदम बढ़ा रहा है और करीब 70 फीसदी कैशलेस हो भी चुका है। यहां के बड़े से लेकर छोटे दुकानदारों तक ने पेटीएम, ऑक्सीजन व स्वैपिंग मशीनों के माध्यम से पेमेंट लेना शुरू कर दिया है।
यहां तक की रेहड़ी और पटरी पर दुकान लगाने वाले भी इनका इस्तेमाल करने लगे हैं। जिनको इसके बारे में ज्ञान नहीं है वह भी एक दूसरे से सीख रहे हैं। गुरुग्राम का यह बाजार पॉश एरिया में है। यहां आने वाले अधिकतर ग्राहक हाइटेक हैं। उनके लिए पेटीएम और प्लास्टिक मनी से पेमेंट करना कोई नई बात नहीं है।
नोटबंदी के बाद से बाजार की सूरत बदल गई है। यहां के अधिकतर रेहड़ी और पटरी वालों के पास पेटीएम से पेमेंट स्वीकार किया जाता है। दुकानदार राजेश कुुमार कहना है कि उन्हें डिजिटल पेमेंट के बारे में जानकारी नहीं थी। मगर एक अन्य दुकानदार ने उसे सिखा दिया है।
काफी मजा आ रहा है। धीरे-धीरे हर दुकानदार कैशलेस होने का प्रयास कर रहा है। जिनके पास डिजिटल पेमेंट लेने की सुविधा नहीं है वह पेमेंट लेने में अपने पड़ोसी दुकानदार की मदद ले रहा है।
रोजाना यहां 20 से 25 लोग व्यापार केंद्र में खरीददारी के लिए आते हैं। दुकानदार रघुवीर का कहना है कि नोटबंदी के बाद 15 दिनों तक काफी परेशानी हुई। कारोबार बिलकुल घट गया था। मगर अब नोटबंदी रास आने लगी है।