किसानों को ठंड से बचाने के लिए बसों में लगाए गए बिस्तर
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कृषि कानूनों के विरोध में 43 वें दिन भी किसानों का आंदोलन जारी है। अन्नदाताओं को बीते कई दिनों से कड़ाके की ठंड और बारिश का सामना करना पड़ रहा है। इससे काफी परेशानी हो रही है। इस समस्या का समाधान करने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने अपने स्कूलों की बसों को 'रेन बसेरे' में तब्दील कर दिया है।
पहले इन बसों को सिंधु बॉर्डर पर लगाया गया था। अब गाजीपुर बॉर्डर पर भी करीब 13 बस लगाई गई है। इनमें किसान बारिश और ठंड से अपना बचाव करके आराम से रह सकेंगे।
दिल्ली गुरुद्वारा समिति के सदस्य प्रेम सिंह ने बताया कि कड़ाके की ठंड में आंदोलन कर रहे किसानों को बारिश का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में समिति ने उसके अंतर्गत संचालित होने वाले गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल की कई बसों को रैन बसेरे की तरह तैयार किया है। ताकि, धरना दे रहे किसान सर्दी और बारिश से बच सके। प्रेम ने बताया फिलहाल स्कूल बंद हैं और स्कूल बसें ऐसे ही खड़ी थीं। ऐसे में समिति इस तरह से उनका उपयोग का काम किया है।
उन्होंने बताया कि बसों में कंबल, गद्दे और बिछाई गई हैं। शीशों पर पर्दे लटका दिए हैं। पहले यह बसें सिंघु बॉर्डर पर लगाई गई थी अब गाजीपुर बॉर्डर पर भी लगाई गईं हैं। किसानों की सहायता के लिए दिल्ली की सभी सीमाओं पर यह व्यवस्था की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बसों की संख्या को बढ़ाया भी जाएगा।