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आनंद विहार ISBT के गेट पर यात्री बैठाया तो कटेगा चालान

Sun, 05 Nov 2017 10:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार


आनंद विहार ISBT के गेट पर यात्री बैठाया तो कटेगा चालान 
- आनंद विहार आईएसबीटी पर बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए आदेश जारी 

डाटा 
2800 बसों रोजाना चलती हैं यहां से 
1.25 लाख यात्री रोजाना करते हैं आवाजाही 
945 अंतर्राज्यीय बसें चलती हैं रोजाना 

अमर उजाला ब्यूरो 
नई दिल्ली।
 
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विस्तार
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आनंद विहार अंतर्राज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) के निकास गेट पर अब बस रोकर यात्री चढ़ाना महंगा पड़ेगा। ऐसे करने वाले बस चालकों को अब 1000 रुपये का चालान भरना पड़ेगा।
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आनंद विहार पर प्रदूषण के चलते बिगड़ी आबोहवा को देखते दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरशन (डीटीआईडीसी) ने यह आदेश जारी किया है।

दरअसल बीते 24 अक्तूबर को इंवायरमेंट प्रोटेक्शन कंट्रोल एजेंसी (ईपीसीए) की टीम ने आनंद विहार का दौरा किया था। जिसके बाद उन्होंने पाया था कि कई बसें आनंद विहार बस अड्डे के निकास गेट पर बस चालक यात्रियों को बैठाते हैं। इससे जाम की समस्या उत्पन्न होती और वहां प्रदूषण फैलता है। ईपीसीए ने इसपर सख्त रुख अपनाया था।
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1000 रुपये का चालान का आदेश जारी कर दिया है

- फोटो : अमर उजाला
ईपीसीए के सख्त रुख के बाद डीटीआईडीसी ने अब ऐसा करने वाले बस चालकों पर 1000 रुपये का चालान का आदेश जारी कर दिया है। यह चालान सिर्फ बस अड्डे के निकास गेट पर ही नहीं तय स्थान से इतर अगर कही भी बस रोकर यात्री बिठाए गए तो बस का चालान किया जाएगा।

बताते चले कि आनंद विहार प्रदूषण को नियंत्रित करन को लेकर इससे पहले उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों को वहां से शिफ्ट करने की बात भी चल रही है।

आनंद विहार बसअड्डे से दिल्ली की स्थानीय बसों के अलाव अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के लिए भी बसें रवाना होती हैं। यहां से रोजाना करीब 2800 बसें चलती हैं, जिससे रोजाना करीब 1.25 लाख यात्री यहां से आवाजाही करते है। इसमें 1819 स्थानीय बसें चलती है तो 945 अंतर्राज्यीय बसें चलती है। इसमें अकेले करीब 500 बसें यूपी से आती है।

डाटा
2800 बसों रोजाना चलती हैं यहां से
1.25 लाख यात्री रोजाना करते हैं आवाजाही
945 अंतर्राज्यीय बसें चलती हैं रोजाना
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