नंद नगरी इलाके में मंगलवार सुबह दो बसों के बीच पिचकी आई-10 कार हादसे में बुधवार को नया खुलासा हुआ। छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि बस में स्पीड गवर्नर (स्पीड को नियंत्रित करने वाला उपकरण) नहीं लगा था।
ऐसे में चालक ने पूरी रफ्तार में खड़ी हुई अमित की कार में टक्कर मारी। बुधवार को पुलिस ने आरोपी क्लस्टर बस चालक बीर बहादुर को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को अमित के पिता पवन कुमार गर्ग ने अपने बेटे व मां की आंखें भी दान कर दी। परिवार चाहता था कि अमित के शरीर के बाकी अंग भी दूसरों के काम आएं, लेकिन शरीर से बस आंखें ही दान हो सकी। इधर, टैक्नीकल टीम ने क्लस्टर बस का इंस्पेक्शन कर लिया है।
उसके ब्रेक व अन्य सभी उपकरण सही पाए गए हैं। मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया बीर बहादुर ने बिल्कुल भी ब्रेक मारने का प्रयास नहीं किया था। घटनास्थल पर टायर घिसटने के निशान भी नहीं मिले हैं। पुलिस की टीम मामले की छानबीन में जुटी है।