इस साल दिवाली पर पटाखे बेचने और छोड़ने पर पूरी तरह से पाबंदी है। इसके बावजूद आग से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल के बर्न विभाग में तैयारियों की गई हैं। अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती के अलावा 20 अतिरक्त बेड़ों का भी इंतजाम किया गया है।
बर्न्स, प्लास्टिक व सर्जरी विभाग के डॉ. शलभ कुमार ने बताया कि अस्पताल में 30 बेड लगाए गए हैं और शनिवार शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक 20 डॉक्टर विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। विभाग ने जितनी तैयारी पिछले सालों में की है, उतनी ही तैयारी इस साल भी गई हैं। पटाखों पर इस बार प्रतिबंध लग गया है ऐसे में उम्मीद है कि दुर्घटनाएं कम होंगी। फिर भी दिए या मोमबत्ती से कुछ लोग जल जाते हैं तो उनके लिए पूरे इंतेजाम किए हुए हैं।
डॉक्टर ने बताया कि पिछले साल सफदरजंग अस्पताल में पटाखे छोड़ने के दौरान जले हुए 80 से 100 मरीज भर्ती हुए थे । लोगों से अपील है कि विशेष सावधानी बरतते हुए इस बार भी दिवाली मनाएं। ज्वलनशील कपड़े न पहनें, अपने आस पास हमेशा 2 बाल्टी पानी या रेत भरके रखे। अगर कोई हिस्सा जल जाता है तो पानी से लगातार धोएं ।