मंजिल की तरफ ले जाने के साथ मेट्रो की सीढ़ियां अब आपको यह भी बताएंगी कि आपने कितनी कैलोरी घटाई। एस्कलेटर और लिफ्ट में यात्रियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए डीएमआरसी ने लोगों में सीढि़यों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए यह पहल की है। इसके तहत मेट्रो के पांच स्टेशनों पर कैलोरी काउंटर नाम का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। मेट्रो प्रशासन का मानना है कि दैनिक यात्री स्टेशनों के भीतर सीढि़यों को प्राथमिकता देंगे।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
हम अपनी व्यस्त जीवन शैली की वजह से खुद के स्वास्थ्य पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे में मेट्रो स्टेशनों पर लगीं ये सीढ़ियां हमें कैलोरी बर्न करने और आदतों को सुधारने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
- तन्नू कंठ
मैं मोटापे को लेकर थोड़ी चिंतित रहती हूं इसलिए हमेशा योग और व्यायाम पर ध्यान देती हूं, लेकिन मेट्रो की सीढि़यां चढ़ने का ख्याल कभी मन में नहीं आया। इस तरह से मेट्रो में स्वास्थ्य का ध्यान रखने का यह तरीका काफी दिलचस्प लगा।
-ज्योति पाराशर
चिकित्सक की राय
सीढ़ियां चढ़ने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। जो लोग हृदय रोग, डायबिटीज और हड्डियों से जुड़ीं समस्याओं के मरीज हैं, उनकी सेहत में सुधार करता है। यह व्यायाम का ही हिस्सा है, इसलिए जो लोग ऑफिस में आठ घंटे की डेस्क जॉब करते हैं उन्हें रोज सीढ़ियां चढ़नी चाहिए। इससे मोटापे पर नियंत्रण रहता है, लेकिन बुजुर्ग लोगों को या फिर जिन्हें डॉक्टरों ने सीढ़ियां चढ़ने से मना किया है, उन्हें जबरदस्ती सीढि़यां नहीं चढ़नी चाहिए।