बुलंदशहर के स्याना हिंसा मामले में जिला कारागार में बंद जीतू फौजी समेत सात आरोपियों को हाईकोर्ट से राजद्रोह के मामले में जमानत याचिका मंजूर हो गई है। बता दें कि सातों आरोपियों को हिंसा के मामले में पूर्व में ही जमानत मिल चुकी है।
गौरतलब है कि गत तीन दिसंबर 2018 को स्याना क्षेत्र के गांव महाव के जंगल में गोकशी की घटना के बाद बवाल हो गया था। गोकशी को लेकर गुस्साए लोगों ने जाम लगाकर जमकर हंगामा किया था।
पथराव-फायरिंग के दौरान गोली लगने से स्याना के तत्कालीन कोतवाल सुबोध कुमार सिंह और गांव चिंगरावठी निवासी युवक सुमित की मौत हो गई थी। मामले में स्याना की चिंगरावठी चौकी प्रभारी की ओर से 27 नामजद और 50-60 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या, हिंसा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मामले की जांच एसआईटी कर रही थी। जिसमें कुछ नेताओं समेत 44 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका था। बता दें कि इस मामले में करीब 14 आरोपियों को हिंसा के मामले में जमानत हो चुकी है, लेकिन कुछ ही दिन पहले लगाए गए राजद्रोह की धारा में आरोपियों को जमानत नहीं मिल सकी थी।
अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि मंगलवार को आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू फौजी पुत्र राजपाल निवासी गांव महाव, सचिन पुत्र वीरेंद्र निवासी गांव महाव, छोटू पुत्र सतीश जाट निवासी गांव चिंगरावठी, सौरभ पुत्र राजकुमार निवासी गांव चिंगरावठी, हेमू उर्फ हेमराज पुत्र नवाब निवासी गांव चिंगरावठी, कलवा पुत्र बाबूराम निवासी गांव महाव और रोहित राघव पुत्र राम अवतार राघव निवासी गांव बरौली की जमानत अर्जी मंजूर हो गई है। जल्द ही आदेश मिलते ही सातों आरोपियों की जेल से रिहाई हो जाएगी।