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बुलंदशहर गैंगरेप पीड़ित परिवार ने महिला आयोग को किया फोन, अब झेल रहे नई परेशानी

Sun, 07 Aug 2016 01:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद

सार

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बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा का कहना है कि बुलंदशहर गैंगरेप पीड़ित परिवार अब यूपी के काउंसलरों से परेशान है, जो उनके छोटे से घर में डेरा डाले हुए हैं।
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रेखा शर्मा के मुताबिक उनके पास पीड़ित किशोरी के पिता ने शुक्रवार शाम को फोन कर बताया कि तीन काउंसलर उनके घर पर बैठा दिए गए हैं। हालात ऐसे हैं कि वह पत्नी और बच्चों से बात तक नहीं कर पा रहे।

रेखा शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम की एक काउंसलर भी सोमवार को पीड़ित परिवार के घर जाएंगी, हालांकि वह काउंसलिंग के लिए उन्हें मजबूर नहीं करेगी, अगर वह अनिच्छा जताते हैं तो काउंसलर वापस लौट जाएंगी।
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उन्होंने बताया कि इस पीड़ा दायक घटना में बुलंदशहर पुलिस सही से काम नहीं कर रही है। आरोपियों को बदलने की चर्चा होने पर उन्होंने बुलंदशहर के पुलिस अफसरों से बात की थी।

पुलिस अफसरों का कहना है कि उन्होंने आरोपी नहीं बदले हैं बल्कि उनके पते दूसरे निकले थे, जिससे यह हल्ला मचा कि पुलिस ने आरोपी बदल दिए हैं। बता दें कि इससे पहले पीड़ित परिवार के घर में सपा नेता बाउंसर लेकर घुस गए थे, जिस पर परिवार ने एतराज जताया था।

हैवानियत का शिकार हुए परिवार ने बनाई दूरी

- फोटो : अमर उजाला
बुलंदशहर में एनएच-91 पर हैवानियत का शिकार हुए परिवार ने अब राजनीतिक पार्टियों और मीडिया से दूरी बना ली है। परिवार के लोगों के अलावा घर में किसी के भी आने पर रोक लगा दी गई है।

दो फ्लैट और मुआवजे की घोषणा के बाद पीड़ित परिवार के घर के बाहर दिन भर लगी रहने वाली भीड़ अब नहीं है। गली में सन्नाटा पसरा है और सिर्फ पुलिस की एक पीसीआर तैनात है।

कुछ सपा नेताओं द्वारा धमकाए जाने बाद से इंदिरापुरम पुलिस की पीसीआर को पीड़ित परिवार के घर के बाहर तैनात कर दिया गया है। शनिवार को महिला एवं बाल  विकास विभाग की ओर से तैनात काउंसलर की टीम मां-बेटी के पास पहुंचे और काउंसलिंग की।
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​मदद से ज्यादा दरिंदों को सजा अहम

- फोटो : अमर उजाला
रोज लगनी रहने वाली भीड़ की वजह से बेटी की तबीयत में सुधार नहीं आ रहा था। वहीं मां को भी चक्कर आ रहे थे। लगातार लोग मिलने आ रहे थे, जिससे दोनों को आराम नहीं मिल पा रहा था और सदमे से उबर नहीं पा रहे थे।

पिता पहले ही कह चुके हैं कि किसी भी तरह की मदद से ज्यादा दरिंदों को सजा अहम है। फिलहाल दो फ्लैटों के आवंटन पत्र और मुआवजे की घोषित राशि अभी तक पीड़ित परिवार को नहीं मिली है।
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