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जेपी व आम्रपाली : बिल्डरों को 1650 करोड़ की क्षति का करना पड़ा सामना

Sat, 19 Aug 2017 07:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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गौतमबुद्धनगर जनपद में जेपी और आम्रपाली बिल्डर के निवेशकों को फ्लैट अभी तक नहीं मिल पाने से करीब 1650 करोड़ रुपये के राजस्व की क्षति हुई है। इन फ्लैटों के बैनामे होते, तो स्टांप शुल्क के रूप में राजस्व मिलता। राजस्व की भारी क्षति होने से विभाग के अधिकारी भी चिंतित हैं। इतनी बड़ी क्षति को दूसरे संसाधनों से पूरा कराने के लिए विचार-विमर्श चल रहा है।
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गौतमबुद्धनगर जनपद के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में जेपी के करीब 25 हजार और आम्रपाली बिल्डर के करीब 7 हजार फ्लैटों पर 2013 तक निवेशकों को कब्जा मिल जाना था।

ब्जा मिलने के चलते इन फ्लैटों के बैनामे किए जाते। बैनामा करने के चलते प्रति फ्लैट करीब तीन लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी के रूप में राजस्व मिलता, जिसके चलते जेपी बिल्डर के 25 हजार फ्लैटों से स्टांप ड्यूटी के करीब 750 करोड़ रुपये और आम्रपाली के करीब 7 हजार फ्लैटों से 900 करोड़ रुपये राजस्व के रूप में मिल जाते।
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बिल्डरों के फ्लैटों से हुई क्षति से विभाग के अधिकारी परेशान

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दोनों बिल्डरों की स्थिति के चलते फिलहाल विभाग ने 1650 करोड़ का राजस्व मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी है। इन दोनों बिल्डरों के फ्लैटों से हुई क्षति से विभाग के अधिकारी चिंतित हैं। भारी भरकम क्षति की भरपाई करने के लिए दूसरे संसाधन जुटाने के लिए विचार विमर्श चल रहा है।

अब सोसायटियों में ऐसे फ्लैटों की तलाश की जा रही है, जिन फ्लैटों पर बिल्डर ने कब्जे दे दिए हैं और फ्लैटों में लोगों ने रहना शुरू कर दिया है। उनका सर्वे किया जा रहा है। सर्वे में बिना रजिस्ट्री वाले फ्लैट को चिह्नित करके नोटिस देने की तैयारियां की जा रही है।


कंप्लीशन वाले फ्लैटों की रजिस्ट्री का प्रयास
जेपी और आम्रपाली बिल्डरों के करीब 32 हजार फ्लैटों के फंसने से बैनामे नहीं हुए हैं, जिससे स्टांप ड्यूटी के रूप में करीब 1650 करोड़ रुपये का राजस्व नहीं मिल पाया है। क्षति की भरपाई करने के लिए दूसरे बिल्डरों के कंप्लीशन वाले फ्लैटों की रजिस्ट्री कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-अखिलेश दूबे, सहायक स्टांप आयुक्त
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